
नई दिल्ली/मुंबई: महाराष्ट्र में हिंदी और मराठी भाषा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे की राजनीति का मकसद सिर्फ “गुंडागर्दी करना” है और वे ऐसा चुनाव हारने के डर से करते हैं। दुबे ने राज ठाकरे को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तुम इतने ‘बॉस’ हो, तो महाराष्ट्र से बाहर आओ- बिहार, यूपी, तमिलनाडु आओ… तुमको पटक पटक के मारेंगे।
भाजपा नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ”जब राज ठाकरे को जनता का समर्थन नहीं मिलता, तो वे गुंडों को आगे करते हैं। यानी गुंडागर्दी ही उनका एकमात्र उद्देश्य है।” उन्होंने कहा कि ठाकरे ऐसा हर बार करते हैं, मुंबई नगर निगम चुनाव से ठीक पहले, जब हारने का डर सताने लगता है। दुबे ने यह भी कहा, ”मेरी आपत्ति ठाकरे की गुंडागर्दी से है, और अब सहनशीलता की सीमा पार हो चुकी है।” दुबे ने अपने पुराने विवादास्पद बयानों के बावजूद कहा कि मराठा समुदाय सम्मानित है, और उन्होंने खुद ऐसे कई मराठा नेताओं को समर्थन दिया है, जो बिहार से लोकसभा पहुंचे थे।
यह 2007 का Wikileaks है
राज ठाकरे को जनता का समर्थन नहीं मिलता तो गुंडे को आगे करती है यानि गुंडागर्दी ही उसका मकसद है जो आनेवाले मुम्बई महानगर पालिका के चुनाव में हारने के डर से चुनाव के ऐन पहले करती है,मेरा विरोध ठाकरे की गुंडागर्दी से है और सहनशीलता की सीमाएं ख़त्म हो गई है… pic.twitter.com/F1ksXIyHQr— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) July 8, 2025
राज ठाकरे ने हाल ही में अपने कार्यकर्ताओं से कहा था कि, ”अगर हिंदी बोलने वालों को पीटो, तो वीडियो मत बनाओ।” इस पर निशिकांत दुबे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ”अगर हिम्मत है, तो उर्दू, तमिल और तेलुगु बोलने वालों को भी पीटो। अगर तुम इतने ‘बॉस’ हो, तो महाराष्ट्र से बाहर आओ- बिहार, यूपी, तमिलनाडु आओ… ‘तुमको पटक पटक के मारेंगे।”’
शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने भी दुबे पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि, ”दुबे को मराठी पहचान से नफरत है। वे खुद को हिंदी भाषियों का प्रवक्ता मानते हैं। उन्हें बिहार की चिंता करनी चाहिए, न कि महाराष्ट्र की पहचान को तोड़ने की।”
इस पूरे विवाद के बीच मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। मुंबई के वर्ली इलाके में एक उद्यमी सुशील केडिया के कार्यालय पर हमला हुआ, जिसमें मनसे के पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जैसे: धारा 223 (शांति भंग करना), 189(2), 189(3) (धमकी देना), 190, 191(2), 191(3) (दंगा फैलाना) 125 (सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना)।