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IB चीफ तपन डेका को मिला एक साल का सेवा विस्तार, आतंकवादियों पर नजर रखने में हैं माहिर

नेशनल डेस्क : भारत सरकार ने खुफिया ब्यूरो (इंटेलिजेंस ब्यूरो – IB) के निदेशक तपन कुमार डेका को एक बार फिर उनके कार्यकाल में एक साल का विस्तार दिया है। इस संबंध में जारी सरकारी आदेश में कहा गया है कि यह विस्तार 30 जून 2025 से एक साल की अवधि के लिए या अगले आदेश आने तक, जो पहले हो, तब तक प्रभावी रहेगा। यह फैसला कैबिनेट की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of Cabinet – ACC) द्वारा लिया गया है। इससे पहले भी तपन डेका को जून 2025 तक सेवा विस्तार दिया गया था, और अब उन्हें एक बार फिर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने अखिल भारतीय सेवाएं नियम, 1958 के कुछ प्रावधानों में छूट देते हुए यह निर्णय लिया है। इस बीच आज हम जानते है कि कौन है तपन कुमार डेका।

कौन हैं तपन कुमार डेका ?

आपको बता दें कि तपन डेका भारत के वरिष्ठ आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी हैं, जो हिमाचल प्रदेश कैडर (1988 बैच) से आते हैं। वे फिलहाल देश की सबसे महत्वपूर्ण खुफिया एजेंसी, इंटेलिजेंस ब्यूरो के 28वें निदेशक हैं। उन्होंने यह पद जुलाई 2022 में अपने पूर्ववर्ती अरविंद कुमार से संभाला था। डेका को देश के भीतर आतंरिक सुरक्षा, आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ अभियानों में बेहतरीन रणनीतिकार माना जाता है।

असम में हुआ था जन्म 

तपन कुमार डेका का जन्म 25 फरवरी 1963 को असम के सरथेबारी में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से भौतिकी (Physics) में मास्टर डिग्री (M.Sc.) हासिल की। इसके बाद वे अपने पहले ही प्रयास में UPSC की परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हो गए।

इंटेलिजेंस ब्यूरो में 1995 से सेवा

तपन डेका ने वर्ष 1995 में इंटेलिजेंस ब्यूरो में अपनी सेवाएं शुरू कीं। इसके बाद उन्होंने इस एजेंसी में उप निदेशक, संयुक्त निदेशक, अतिरिक्त निदेशक और विशेष निदेशक जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उनके अनुभव और निर्णय क्षमता ने उन्हें देश के खुफिया नेटवर्क में बेहद भरोसेमंद अधिकारी बना दिया।

आतंकवाद के खिलाफ बड़ी भूमिका

तपन डेका को देश के खिलाफ आतंकी साजिशों को नाकाम करने में अग्रणी भूमिका निभाने वाला अफसर माना जाता है। वे 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की जांच में भी शामिल रहे और उन्होंने दोषियों को सजा दिलाने में अहम योगदान दिया।

इसके अलावा उन्होंने कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों और उत्तर-पूर्वी भारत में उग्रवाद के खात्मे में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डेका ने कुछ समय अमेरिका में तैनाती के दौरान भी सेवा दी थी और पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों को कमजोर करने में भारत की नीति निर्माण में सहयोग किया।

 राष्ट्रपति पुलिस पदक से हुए है सम्मानित 

उनकी उल्लेखनीय सेवा के लिए 2012 में उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। यह पदक पुलिस सेवा में उत्कृष्टता के लिए दिया जाता है, जो उनके बेहतरीन और समर्पित कार्य की पहचान है। तपन डेका न केवल एक अनुभवी खुफिया अधिकारी हैं, बल्कि भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक मजबूत स्तंभ भी माने जाते हैं। उनकी सेवा अवधि का एक और साल बढ़ना यह बताता है कि सरकार को उन पर पूरा भरोसा है और देश को उनके अनुभव की अभी और ज़रूरत है। ऐसे समय में जब सुरक्षा चुनौतियां जटिल होती जा रही हैं, तपन डेका जैसे अफसर देश की सुरक्षा नीति का अहम हिस्सा बने हुए हैं।

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