IIM Indore study Vaibhav Sooryavanshi : 15 साल की उम्र में ही वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींच लिया है। उनकी तेज और आक्रामक बैटिंग की वजह से वे बहुत जल्दी चर्चा में आ गए। अब भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM इंदौर) ने उन्हें एक खास केस स्टडी के रूप में शामिल करने का फैसला किया है।
इस शोध में यह जानने की कोशिश की जाएगी कि इतनी कम उम्र में बड़ी सफलता पाने वाले खिलाड़ियों के पीछे कौन-कौन से कारण होते हैं, जैसे परिवार का सहयोग, कोचिंग और ट्रेनिंग, मानसिक मजबूती, सामाजिक माहौल, खेल के प्रति सोच और अनुशासन जैसे शामिल है।
IIM इंदौर की यह स्टडी अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को जोड़कर की जाएगी। जैसे स्पोर्ट्स साइंस, मनोविज्ञान, मैनेजमेंट स्टडी, डेटा एनालिसिस। इसका मकसद सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि पूरी विकास यात्रा को समझना है।
बेहतर प्रदर्शन ने खींचा विशेषज्ञों का ध्यान
राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में एक सीजन के दौरान 72 छक्के लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने इस मामले में दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के 59 छक्कों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और लगातार शानदार प्रदर्शन ने क्रिकेट जगत के साथ-साथ शिक्षाविदों का भी ध्यान खींचा है। जिसके बाद अब भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM इंदौर) ने उन्हें एक खास केस स्टडी के रूप में शामिल करने का फैसला किया है।
प्रतिभा के साथ मेहनत भी जरूरी
वैभव की सफलता सिर्फ उनकी प्रतिभा पर नहीं, बल्कि लगातार मेहनत, परिवार का त्याग और समर्थन, कोचों का मार्गदर्शन सहित सही ट्रेनिंग सिस्टम।
भविष्य के लिए उपयोगी होगी रिसर्च
IIM इंदौर का मानना है कि यह स्टडी भविष्य में खिलाड़ियों के प्रतिभा को पहचानने में आसान बनाएगी।
-खिलाड़ियों के विकास का मॉडल तैयार करेगी
-प्रतिभा को सही दिशा देने में मदद करेगी
IPL 2026 में शानदार रहा प्रदर्शन

मिले कई बड़े अवॉर्ड्स और सम्मान