Last Updated: September 27, 2026

Dainik Savera Times Logo

अरावली में गैर-कानूनी माइनिंग से होगा अपूरणीय नुकसान: सुप्रीम कोर्ट की सख्त चेतावनी

January 21, 2026

अरावली में गैर-कानूनी माइनिंग से होगा अपूरणीय नुकसान: सुप्रीम कोर्ट की सख्त चेतावनी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने अरावली क्षेत्र में गैर-कानूनी खनन (माइनिंग) को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा है कि अगर अरावली इलाके में अवैध माइनिंग जारी रही, तो इसके ऐसे गंभीर और दूरगामी नतीजे होंगे, जिन्हें बाद में ठीक नहीं किया जा सकेगा।

बुधवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने कहा कि अरावली में माइनिंग और उससे जुड़े सभी मुद्दों की पूरी और समग्र (होलिस्टिक) जांच के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी पर्यावरण, माइनिंग और भू-विज्ञान के विशेषज्ञों से मिलकर बनेगी।

यह भी पढ़ें:  एलन मस्क बनकर 11.87 लाख की ठगी, सेवानिवृत्त कर्मचारी बना शिकार

चार हफ्तों के भीतर पर्यावरणविदों के नाम सुझाएं

कोर्ट ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और एमिकस क्यूरी परमेश्वर को निर्देश दिया है कि वे चार हफ्तों के भीतर ऐसे पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों के नाम सुझाएं, जिन्हें माइनिंग से जुड़े मामलों में विशेषज्ञता हासिल हो। यह कमेटी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी और दिशा-निर्देशों के तहत काम करेगी।

अरावली में अब भी अवैध माइनिंग हो रही 

सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि अरावली के अलग-अलग हिस्सों में अब भी अवैध माइनिंग हो रही है। इस पर राजस्थान सरकार की ओर से पेश हुए एएसजी के. एम. नटराज ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि राज्य में किसी भी तरह की बिना अनुमति माइनिंग नहीं होने दी जाएगी। कोर्ट ने इस आश्वासन को रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया

अरावली पहाड़ियों की परिभाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने पहले दिए गए अपने आदेश को भी आगे बढ़ा दिया है, जिसमें 20 नवंबर को अरावली पहाड़ियों और रेंज की एक समान परिभाषा को स्वीकार करने वाले निर्देशों पर रोक लगाई गई थी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कई “बड़ी उलझने” हैं, जिन्हें सुलझाना जरूरी है। इनमें यह सवाल भी शामिल है कि क्या 100 मीटर की ऊंचाई और पहाड़ियों के बीच 500 मीटर की दूरी तय करने से पर्यावरण संरक्षण का बड़ा हिस्सा खत्म हो जाएगा।

यह भी पढ़ें:  अमृतसर पुलिस की हथियार तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई: 6 पिस्तौल सहित 2 आरोपी गिरफ्तार

गौरतलब है कि 20 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की एक समान परिभाषा को स्वीकार करते हुए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में फैले अरावली क्षेत्र में नई माइनिंग लीज़ पर रोक लगा दी थी। यह रोक एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट आने तक लागू रहेगी।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें