
नई दिल्ली: भारत के लिए आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। अब भारत से आगे सिर्फ अमेरिका, चीन और जर्मनी हैं।
सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था का आकार 4.18 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इस सफलता के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि भारत अगले ढाई से तीन साल में जर्मनी को भी पीछे छोड़ सकता है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनमी बन सकता है। फिलहाल अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी और चीन दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ 8.2 प्रतिशत रही है। यह ग्रोथ पिछली तिमाहियों से ज्यादा है। पहली तिमाही में ग्रोथ 7.8 प्रतिशत और पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 7.4 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इससे साफ है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत पहले से ही दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। मजबूत घरेलू मांग और लोगों की बढ़ती खपत ने इस ग्रोथ को गति दी है।
भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी भरोसा जताया है। वर्ल्ड बैंक, IMF और मूडीज जैसी संस्थाओं ने भारत को लेकर सकारात्मक अनुमान दिए हैं। एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने भी साल 2025 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है। सरकार का कहना है कि देश में बेरोजगारी कम हो रही है और महंगाई भी नियंत्रण में है।
भारत का लक्ष्य है कि आजादी के 100 साल पूरे होने यानी 2047 तक वह एक उच्च मध्य-आय वाला देश बने। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते निवेश, बेहतर क्रेडिट फ्लो और शहरी खपत के कारण आने वाले ढाई से तीन साल में भारत की जीडीपी 7.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।