
Ayush Shetty : भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन कोर्ट में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। 20 वर्षीय इस होनहार खिलाड़ी ने यूएस ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार जीत दर्ज करते हुए अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब अपने नाम किया। रविवार को खेले गए मेंस सिंगल फाइनल में उन्होंने कनाडा के तीसरी वरीयता प्राप्त ब्रायन यांग को सीधे गेमों में 21-18, 21-13 से मात दी। इस खिताबी जीत के साथ ही 2025 सीजन में भारत का खिताबी सूखा भी खत्म हो गया है। आयुष शेट्टी अब बैडमिंटन प्रेमियों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन चुके हैं।
जानिए कौन हैं आयुष शेट्टी: पांच अहम बातें
1. शुरुआत बेहद साधारण… लेकिन सपने ऊंचे
आयुष शेट्टी का जन्म 3 मई 2005 को कर्नाटक में हुआ था। उन्होंने 7 साल की उम्र में ही बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था। शुरुआत में वे अपने पिता के साथ घर के पीछे एक मैदान में अभ्यास करते थे।
2. प्रशिक्षण की ठोस बुनियाद
उन्होंने शुरूआती ट्रेनिंग करकला और मैंगलोर में कोच सुभाष और चेतन से ली। 12 साल की उम्र में बेहतर सुविधाओं के लिए वह बेंगलुरु शिफ्ट हो गए, जहां उन्होंने प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी में सागर चोपड़ा के मार्गदर्शन में अभ्यास किया।
3. जूनियर से सीनियर तक का सफल सफर
आयुष ने 2023 BWF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने ओडिशा मास्टर्स, बहरीन इंटरनेशनल और डच ओपन जैसे टूर्नामेंटों में उपविजेता बनकर सभी का ध्यान खींचा।
4. सीनियर लेवल पर धमाकेदार एंट्री
उन्होंने ऑरलियन्स मास्टर्स में पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसके बाद ताइपे ओपन में उन्होंने किदांबी श्रीकांत और ली चिया-हाओ जैसे दिग्गजों को हराते हुए एक बार फिर सेमीफाइनल में पहुंचकर खुद को साबित किया।
5. पढ़ाई और खेल का बेहतरीन संतुलन
खेल के साथ-साथ आयुष पढ़ाई में भी अव्वल हैं। वे बेंगलुरु की रेवा यूनिवर्सिटी से स्पोर्ट्स साइंस में बीएससी कर रहे हैं। मौजूदा समय में वे मेंस सिंगल की विश्व रैंकिंग में 31वें स्थान पर हैं और लक्ष्य सेन के बाद भारत के दूसरे सबसे ऊंची रैंकिंग वाले खिलाड़ी हैं।
यूएस ओपन जीत से नई उड़ान
आयुष शेट्टी ने 2025 की पहली बड़ी ट्रॉफी अपने नाम की है। यूएस ओपन के सेमीफाइनल में उन्होंने चाउ के खिलाफ तीन गेमों का कठिन मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह बनाई और वहां ब्रायन यांग को हराकर खिताब पर कब्जा किया। वे इस साल सीनियर वर्ल्ड टूर खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...