Indian government banned Pakistani Youtube channels ; नेशनल डेस्क : भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कई प्रमुख पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों तक भारतीय उपयोगकर्ताओं की पहुंच रोक दी है। इनमें शोएब अख्तर (पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर), पत्रकार आरज़ू काज़मी और विश्लेषक सैयद मुज़म्मिल शाह जैसे नामी चैनल शामिल हैं। इन चैनलों को अब भारत में यूट्यूब पर खोजने पर, एक मैसेज दिखाई दे रहा है, जिसमें लिखा है। “राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित सरकार के आदेश के कारण यह कंटेंट मौजूदा वक्त में इस देश में उपलब्ध नहीं है।” यह जानकारी गूगल की पारदर्शिता रिपोर्ट के ज़रिए भी देखी जा सकती है।
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नजर सख्त
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से जारी तनाव और गहराता नज़र आ रहा है। हमले में कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया। इस घटना के बाद भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नजर सख्त कर दी है।
इन चैनलों पर हुई बड़ी कार्रवाई…
भारत ने जिन पाकिस्तानी यूटय़ूब चैनलों पर कार्रवाई की है, उनमें डॉन न्यूज (19.6 लाख सब्सक्राइबर), इरशाद भट्टी (8.27 लाख सब्सक्राइबर), समा टीवी (1.27 करोड़ सब्सक्राइबर), एआरवाई न्यूज (1.46 करोड़ सब्सक्राइबर), बोल न्यूज (78.5 लाख सब्सक्राइबर), रफ्तार (8.04 लाख सब्सक्राइबर), द पाकिस्तान रेफरेंस (2.88 लाख सब्सक्राइबर), जियो न्यूज (1.81 करोड़ सब्सक्राइबर), समा स्पोर्ट्स (73.5 हजार सब्सक्राइबर), जीएनएन (35.4 लाख सब्सक्राइबर), उजैर क्रिकेट (2.88 लाख सब्सक्राइबर), उमर चीमा एक्सक्लूसिव (1.25 लाख सब्सक्राइबर), अस्मा शिराजी (1.33 लाख सब्सक्राइबर), मुनीब फारूक (1.65 लाख सब्सक्राइबर), सुनो न्यूज एचडी (13.6 लाख सब्सक्राइबर) और राजी नामा (2.70 लाख सब्सक्राइबर) पर प्रतिबंध लगाया है।

पाकिस्तानी न्यूज चैनलों पर भी पड़ा असर
दरअसल, केवल यूट्यूब पर मौजूद व्यक्तिगत चैनल ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के कई प्रमुख न्यूज़ चैनलों के यूट्यूब पेज भी अब भारत में उपलब्ध नहीं हैं। इसमें डॉन न्यूज, जीओ न्यूज़, समा टीवी, और बोल न्यूज जैसे बड़े नाम शामिल हैं। ये सभी चैनल अब भारतीय दर्शकों के लिए यूट्यूब पर ब्लॉक कर दिए गए हैं।
भड़काऊ और भ्रामक कंटेंट के खिलाफ सख्त रुख
गृह मंत्रालय की सिफारिशों पर केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। इन चैनलों पर आरोप है कि ये भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ भड़काऊ, सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील, झूठी और भ्रामक सामग्री प्रसारित कर रहे थे। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि ये चैनल गलत जानकारी फैलाकर भारत की आंतरिक शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे।
यूट्यूब पर प्रतिबंध का तात्कालिक प्रभाव
प्रतिबंध के बाद यूट्यूब यूज़र्स को इन चैनलों को एक्सेस करने पर एक सूचना दिखाई दे रही है, जिसमें स्पष्ट लिखा है कि “यह कंटेंट इस देश में अनुपलब्ध है”। साथ ही, गूगल पारदर्शिता रिपोर्ट के ज़रिए उपयोगकर्ता यह देख सकते हैं कि किस प्रकार और किन कारणों से यह एक्शन लिया गया है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि
भारत सरकार का यह निर्णय यह दर्शाता है कि डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी अब राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के चैनलों द्वारा फैलाई जा रही गलत सूचनाओं पर रोक लगाकर भारत सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देशविरोधी तत्वों को किसी भी प्लेटफॉर्म पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।