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Pahalgam Terrorist Attack : भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को दी बड़ी राहत, बढ़ाई देश वापसी की समयसीमा

नेशनल डेस्क : 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। इस हमले में पाकिस्तान से जुड़े आतंकियों ने 26 लोगों की जान ले ली थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इसके बाद भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए 30 अप्रैल तक का समय दिया गया था। सरकार ने यह भी साफ कर दिया था कि अब राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

 बड़ी संख्या में पाक नागरिकों की वापसी

आपको बता दें कि ‘भारत छोड़ो’ नोटिस जारी होने के बाद पिछले छह दिनों में कुल 786 पाकिस्तानी नागरिक, जिनमें 55 राजनयिक और उनके परिजन भी शामिल हैं, भारत छोड़कर अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान लौट चुके हैं। इसके अलावा 8 भारतीय नागरिक, जो पाकिस्तानी वीजा पर वहां जा रहे थे, वे भी पाकिस्तान की ओर रवाना हुए हैं।

सीमा से लौटे भारतीय नागरिक…

वहीं दूसरी ओर, 1,465 भारतीय नागरिक पाकिस्तान से लौटकर भारत आए हैं, जिनमें 25 अधिकारी और राजनयिक भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 151 पाकिस्तानी नागरिक, जो दीर्घकालिक भारतीय वीजा पर हैं, उन्होंने भी भारत में प्रवेश किया है। यह बताता है कि भारत सरकार जहां कठोर सुरक्षा नीति अपना रही है, वहीं मानवता और कूटनीति के सिद्धांतों का भी पालन कर रही है।

सरकार ने तय की थीं अलग-अलग डेडलाइन

सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए वीजा की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग अंतिम तिथियाँ निर्धारित की थीं।

-दक्षेस वीजा धारकों के लिए अंतिम तारीख 26 अप्रैल थी।

-मेडिकल वीजा वालों को 29 अप्रैल तक की मोहलत दी गई।

-बाकी 12 श्रेणियों (व्यापार, पत्रकार, तीर्थयात्रा, फिल्म आदि) के लिए 27 अप्रैल अंतिम तारीख थी।

पाकिस्तानी नागरिकों की लगातार हो रही वापसी

-29 अप्रैल को 94 पाकिस्तानी नागरिक (10 राजनयिक सहित) भारत से रवाना हुए।

-28 अप्रैल को 145 (36 राजनयिक सहित),

-27 अप्रैल को 237 (9 राजनयिक सहित),

-26 अप्रैल को 81,

-25 अप्रैल को 191 और 24 अप्रैल को 28 पाकिस्तानी नागरिक भारत से वापस भेजे गए।

सुरक्षा भी, कूटनीति भी… 

यह पूरी प्रक्रिया इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार आतंकी हमलों को लेकर बेहद गंभीर है और किसी भी तरह की ढील नहीं देना चाहती। लेकिन इसके साथ ही भारत ने कूटनीतिक मर्यादा और मानवता का भी सम्मान किया है। सरकार ने अटारी-वाघा बॉर्डर से पाक नागरिकों की वापसी की प्रक्रिया को अभी जारी रखने की अनुमति दी है, जो अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगी।

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