इंटरनेशनल डेस्क: इस समय यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को मौत की सजा सुनाए जाने का मामला चर्चाओं में है। यमनी नागरिक की हत्या के लिए मूल रूप से केरल की रहने वाली निमिषा को मौत की सजा सुनाई गई है। उसको 16 जुलाई को फांसी होनी थी, जो फिलहाल टल चुकी है। अभी सजा को लेकर नई डेट घोषित नहीं हुई है। निमिषा के ऊपर तलाल अब्दो महदी नामक शख्स की हत्या का आरोप है। 2017 के इस मामले में तलाल की बॉडी वाटर टैंक में मिली थी।
भारतीय नर्स फिलहाल सना की जेल में है। निमिषा ने तलाल के ऊपर शारीरिक शोषण करने और पासपोर्ट छिपाने के आरोप लगाए थे। देखने वाली बात होगी कि निमिषा रिहा होगी या उसे सजा मिलेगी। बरहाल दुनिया में ऐसे कई देश हैं, जहां भारतीयों को गंभीर अपराध के तहत दोषी ठहराकर फांसी के फंदे पर लटकाया जा चुका है। ऐसे देशों के बारे में जानते हैं।
#STATOISTICS | In the last 5 years, #Kuwait has executed the highest number of Indian nationals.
Details on the number of Indians on death row by countries 👇 pic.twitter.com/0zHMDoruCi
— The Times Of India (@timesofindia) July 18, 2025
हाल में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में आंकड़े पेश किए थे। उन्होंने कहा था कि कुवैत में 2020 से लेकर 2024 तक 25 भारतीयों को मौत की सजा मिली है। कुवैत में रेप, मर्डर और टेरेरिज्म जैसे मामलों में ऐसी सजा मिलती है। कुवैत में फांसी को सजा के आखिरी विकल्प के तौर पर देखा जाता है। वहां भारतीयों के लिए कानूनी चुनौतियां बढ़ रही हैं।
यूएई में भी लगभग 25 भारतीयों को मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। यहां पर मर्डर, रेप, स्मगलिंग, देशद्रोह, आतंकवाद और ईशनिंदा जैसे मामलों में दोषी पाए जाने पर मौत की सजा दी जाती है। यहां पर शरिया कानून लागू है। इसके बाद नंबर आता है सऊदी अरब का। यहां अब तक 11 भारतीयों को मौत की सजा सुनाई गई है।
हालांकि सजा पेंडिंग है, अभी फांसी को लेकर कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। इसके बाद मलेशिया का नंबर आता है, जहां अब तक 6 लोगों को मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि सजा पर अमल को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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