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भारत के एक्शन से घबरा गए PM शहबाज शरीफ, कहा- अगर पानी रोका तो हम…

नेशनल डेस्क : कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा फैसला लिया है। भारत ने सिंधु जल संधि को खत्म करने की ओर कदम बढ़ाते हुए पाकिस्तान की पानी पर निर्भरता पर चोट करने की बात कही है। भारत के इस फैसले से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान अब पानी को लेकर भी चिंता में डूब गया है। पाकिस्तान को डर है कि अगर भारत ने सिंधु नदी का पानी रोक दिया, तो देश में सूखे जैसी हालत हो सकती है। भारत सरकार के द्वारा सिंधु नदी का पानी रोके जाने के बाद पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदानी ने एक आक्रमक बयान दिया था। वहीं अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को चेतावनी दी है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

PM शहबाज शरीफ ने दी गीदड़भभकी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को चेतावनी दी है कि अगर भारत ने सिंधु नदी का पानी रोकने की कोशिश की, तो पाकिस्तान की सेना इसका “मुंहतोड़ जवाब” देगी। उन्होंने कहा “पाकिस्तान के पानी को मोड़ने की किसी भी कोशिश का हम पूरी ताकत से जवाब देंगे। हम अपनी सेना के साथ हैं।” इसके साथ ही शहबाज शरीफ ने आगे कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन देश की अखंडता और सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने ये भी जोड़ा कि पाकिस्तान की जनता और सेना हर खतरे से निपटने के लिए तैयार है।

 या तो पानी बहेगा, या खून

वहीं शुक्रवार सुबह पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो ने तो भारत को और तीखी धमकी दी। सिंधु नदी के किनारे सखर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा “या तो इस नदी से पानी बहेगा, या उनका खून जो हमारी हिस्सेदारी छीनना चाहता है।” बिलावल ने कहा कि सिंधु नदी पाकिस्तान की है, थी और रहेगी। उन्होंने इसे पाकिस्तान की साझा विरासत बताया।

पानी पर डाका मंज़ूर नहीं 

बिलावल भुट्टो ने पाकिस्तान की जनता से अपील करते हुए कहा कि हर पाकिस्तानी को दुनिया को यह संदेश देना चाहिए कि सिंधु नदी पर किसी भी तरह का कब्जा मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा “दुश्मन की नजरें हमारे पानी पर हैं और पूरे देश को मिलकर इसका जवाब देना होगा।”

क्या है सिंधु जल संधि?

1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई यह संधि विश्व बैंक की मध्यस्थता में बनी थी। इसके तहत भारत को तीन पूर्वी नदियों (रावी, व्यास और सतलुज) का पानी और पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम और चिनाब) का पानी दिया गया। अब भारत इस संधि को खत्म करने की ओर इशारा कर रहा है।

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