इंटरनेशनल डेस्क: इजरायल और ईरान के बीच अब जंग थम चुकी है। दोनों के बीच सीजफायर का ऐलान हो चुका है। इसके बाद भी यहूदी देश इजरायल की चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यमन से लगातार इजरायल के ऊपर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए जा रहे हैं। अब हूतियों ने साफ कर दिया है कि जब तक इजरायल का नामोनिशान नहीं मिटा देंगे, तब तक जंग जारी रहेगी। हूतियों ने काफी कम समय में ही इजरायल के लिए चुनौतियां खड़ी की हैं।
ये हूती अब लाल सागर में यहूदी देश के लिए चुनौती बन चुके हैं। इजरायली जहाजों का रास्ता रोका जा रहा है। उनको डुबोया जा रहा है। हालांकि इजरायल भी हूतियों के ऊपर कई अटैक कर चुका है, लेकिन अभी तक हूती पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। हूतियों के हमले का सीधा असर इजरायल के दक्षिण बंदरगाह इलिएट पर नजर आ रहा है। वहीं, स्वेज नहर से होने वाले व्यापार पर भी काफी असर देखा गया है।
There are concerns that the oil spills caused by the Houthi attack and subsequent sinking on the MAGIC SEAS and ETERNITY C is posing a threat to protected nature reserves on #Eritrea‘s coast. The Bera’isole area is host to turtles, mangroves and a unique biodiversity pic.twitter.com/Be4hK39QlK
— Wim Zwijnenburg (@wammezz) July 13, 2025
बड़े हूती नेता ने रखी शर्त
हूतियों को लेकर बड़ा खुलासा एक इजरायली अखबार ने किया है। सूत्रों के मुताबिक बड़े हूती नेता ने शर्त रखी है कि इजरायल को फिलिस्तीन में अरब की जमीन पर कब्जा छोड़ना होगा। इजरायल को मुस्लिम देश के ऊपर थोपकर अपराध किया गया है। इजरायल का अस्तित्व गैरकानूनी है, उसका अंत सुनिश्चित है। इजरायल को सिर्फ हत्या, पवित्र स्थलों पर अपमान और कब्जे के लिए बनाया गया है।
फिलिस्तीन की मदद जारी रखेंगे
हूती नेता के अनुसार वे लोग इस जंग में जीत हासिल करके रहेंगे। अल अक्सा मस्जिद को शुद्ध करना ही उनका मकसद है। हूती फिलिस्तीनी जनता की मदद करना जारी रखेंगे। यहूदी लोगों को इराक, यमन, सीरिया और लेबनान में शिकस्त देंगे। गाजा की जंग के समीकरण अब बदल चुके हैं। हमारा मिशन यहूदी शासकों को भ्रमित करके उनको अंदर से कमजोर करना है।
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायल के साथ जंग के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के पैर में मामूली चोटें आने की बात का खुलासा हुआ है। राष्ट्रपति 16 जून को घायल हो गए थे। इस दौरान पश्चिमी तेहरान में एक इमारत को निशाना बनाकर इजरायल ने एयर स्ट्राइक की थी। वहीं, ईरान को शक है कि किसी मुखबिर की सूचना पर मसूद को टारगेट किया गया था।

