ईरान और इजरायल के बीच लगातार भीषण जंग जारी है। शुक्रवार को युद्ध और खतरनाक स्थिति पर पहुंच गया है। दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमले कर रहे हैं। इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं, ईरान ने खतरनाक क्लस्टर बमों और मिसाइलों से इजरायल पर पलटवार किया है। ऐसा पहली बार है, जब दोनों देशों के बीच जंग में क्लस्टर बमों का प्रयोग किया गया है। ये बम बेहद खतरनाक माने जाते हैं। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार ईरान ने उनके अस्पताल को टारगेट किया है। उसे कीमत चुकानी पड़ेगी।
हवा में खुलता है क्लस्टर बम
क्लस्टर बम एक खास तरह का हथियार होता है। यह एक बड़ा बम होता है, जो अपने टारगेट पर पहुंचते ही हवा में खुल जाता है। इससे सैकड़ों छोटे-छोटे बम निकलते हैं, जिनको बॉमलेट्स (bomblets) कहा जाता है। ये सभी बम बाहर निकलकर बिखर जाते हैं। इसके बाद भीषण विस्फोट होता है। इस बम के जरिए फुटबॉल के मैदान के साइज के बराबर टारगेट भी तबाह किया जा सकता है।
100 से ज्यादा देशों में बैन
इस बम को लड़ाकू विमान, ड्रोन या मिसाइल के जरिए दागा जाता है। कई बार बॉमलेट्स नहीं फटते। ये सालों बाद में विस्फोट कर सकते हैं, जो लोगों के लिए जानलेवा है। 100 से ज्यादा देशों ने क्लस्टर बमों पर प्रतिबंध लगाने वाली अंतरराष्ट्रीय संधि को माना है। रूस, अमेरिका, इजरायल, चीन, भारत और पाकिस्तान जैसे कई देशों ने ऐसा नहीं किया है।
इजरायल के 71 लोग घायल
आपको बता दें कि ईरान लगातार खतरनाक ड्रोन्स और मिसाइलों के जरिए इजरायल पर पलटवार कर रहा है। ईरानी हमले में दक्षिणी इजरायल की एक मेडिकल फैसिलिटी को भारी नुकसान पहुंचा है। इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 71 लोगों के हमले में घायल होने की पुष्टि की है। इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम को भी कई बार ईरान भेद चुका है।

