नेशनल डेस्क: कर्नाटक में लगातार सियासी पारा हाई है। सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की दिल्ली यात्रा को लेकर लगातार अटकलों का बाजार गर्म हो रहा है। दोनों नेताओं की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात ने तमाम चर्चाएं छेड़ दी हैं। हालांकि दोनों नेताओं ने दावा किया है कि वे अपने आधिकारिक काम के चलते दिल्ली में ठहरे हैं।
इस समय पार्टी हाईकमान को लेकर तमाम तरह की अटकलें राजनीतिक गलियारों में तेज हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा और पार्टी के भीतर नेताओं में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है।
Karnataka Congress power struggle reignites | Siddaramaiah vs. DK Shivakumar showdown
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— Business Today (@business_today) July 7, 2025
सुरजेवाला का बेंगलुरु में डेरा
कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी की जिम्मेदारी फिलहाल रणदीप सुरजेवाला के पास है। वे फिलहाल राजधानी बेंगलुरु में ठहरे हैं। विधायकों और मंत्रियों से उनकी लगातार मुलाकात हो रही है। उन्होंने किसी भी प्रकार की नेतृत्व परिवर्तन की संभावना से इनकार किया है।
हालांकि सुरजेवाला ने ये भी कहा है कि बदलाव संबंधी कोई भी फैसला लेने का अधिकार हाईकमान के पास है। इस बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में नवंबर या दिसंबर तक नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है।
अपनी सरकार को घेर रहे विधायक
हाल ही में कई विधायक अपनी सरकार पर उंगली उठा चुके हैं। कागवाड़ के विधायक राजू कागे और अलंद विधायक बीआर पाटिल आवाज उठा चुके हैं। कागे ने इस्तीफे की धमकी देकर कहा था कि उनके इलाके में विकास नहीं करवाया जा रहा है।
वहीं, पाटिल अपने यहां सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार किए जाने के मामले उठा चुके हैं। बेलूर के विधायक गोपाल कृष्ण भी अपनी सरकार से खुश नहीं है। वे आवास मंत्री बी जमीर अहमद खान से रिजाइन मांग चुके हैं।
पहले भी दिख चुकी दोनों में दूरी
असंतोष के बीच सिद्धारमैया कह चुके हैं कि वे अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। 2023 के विस चुनाव में भी दोनों नेताओं में असंतोष दिखा था। पार्टी ने तब सिद्धारमैया को सीएम और शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाया था।

