नेशनल डेस्क : ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक खतरनाक गैंग का भंडाफोड़ किया है जो गे डेटिंग ऐप ‘ग्राइंडर’ के जरिए लोगों को फंसाता था। ये आरोपी पहले ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर दोस्ती करते, फिर निजी मुलाकात के बहाने मिलने बुलाते थे और मौके पर उन्हें लूटते या ब्लैकमेल करते थे। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
क्या था गैंग का तरीका?
दरअसल, इस गिरोह के लोग पहले ऐप पर युवकों से चैट कर उनके साथ फ्लर्ट करते थे और जब सामने वाला व्यक्ति विश्वास कर लेता, तो उसे किसी सुनसान जगह मिलने बुलाते। मुलाकात के दौरान या तो उनसे जबरन शारीरिक संबंध बनाते और फिर वीडियो या फोटो के ज़रिए ब्लैकमेल करते या सीधे मारपीट कर लूटपाट करते थे। कुछ मामलों में आरोपी पीड़ितों को बंदूक और चाकू दिखाकर डराते और उनके मोबाइल फोन, नकद पैसे और अन्य कीमती सामान छीन लेते थे। इतना ही नहीं, उनसे जबरदस्ती UPI के ज़रिए भी पैसे ट्रांसफर करवाते थे।
कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?
पुलिस ने इस गैंग के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है…
-विशाल (21 वर्ष)
-शिवम (19 वर्ष)
-यश (21 वर्ष)
-मोहित सिंह सोलंकी (19 वर्ष)
-अमन
-सूरज
इनमें से अमन और सूरज के बैंक खातों में जबरन ट्रांसफर की गई रकम जाती थी, जो बाद में गिरोह के अन्य सदस्यों में 20% कमीशन के हिसाब से बांटी जाती थी।
क्या-क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने निम्नलिखित चीजें बरामद की हैं:
-₹19,500 की लूटी गई नकदी
-एक कार
-दो अवैध चाकू
-एक देसी तमंचा
-कई मोबाइल फोन
कैसे खुला मामला ?
इस गैंग का पर्दाफाश तब हुआ जब 19 जून को एक पीड़ित युवक ने सूरजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि उसके साथ न सिर्फ मारपीट हुई बल्कि मोबाइल भी छीना गया और जबरन उसके बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करवाए गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की और पूरे गैंग को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पुलिस क्या कह रही है ?
जोन 2 के पुलिस उपायुक्त शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि गिरोह काफी शातिर तरीके से लोगों को फंसाकर उनका मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण करता था।
अब पुलिस इस गैंग से जुड़े अन्य पीड़ितों और संभावित साथियों की भी जांच कर रही है। साथ ही पीड़ितों से अपील की जा रही है कि अगर किसी ने ऐसी किसी घटना का सामना किया है, तो वे सामने आकर पुलिस की मदद करें।
क्या सिखाता है यह मामला ?
यह घटना ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स की आड़ में चल रही धोखाधड़ी और आपराधिक गतिविधियों का एक बड़ा उदाहरण है। लोगों को चाहिए कि वो ऐप के जरिए हुई दोस्ती पर जल्दी भरोसा न करें और अनजान लोगों से मिलने से पहले सतर्कता बरतें। किसी भी असहज या संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
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