नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान हादसे में निधन के बाद पूरे राज्य में शोक का माहौल है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को राज्य में एक दिन की छुट्टी और तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है। मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अजीत पवार का जाना महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार का फैसला परिवार से बातचीत के बाद लिया जाएगा।
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सीएम फडणवीस ने कहा, “अजीत दादा बहुत मेहनती और साहसी नेता थे। वे कभी मुश्किल हालात से नहीं घबराते थे। महाराष्ट्र के विकास में उनका बड़ा योगदान रहा है। यह मेरे लिए भी एक निजी नुकसान है। मेरा एक दोस्त मुझे छोड़कर चला गया।” उन्होंने यह भी बताया कि वे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जल्द ही बारामती रवाना होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस दुखद घटना पर शोक जताया है।
अजीत पवार का पार्थिव शरीर बारामती अस्पताल लाया गया है, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। परिवार के सदस्य पत्नी सुनेत्रा पवार, बेटे पार्थ पवार, और रिश्तेदार सुप्रिया सुले भी बारामती पहुंच रहे हैं। एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल भी वहां मौजूद हैं। जानकारी के मुताबिक, अजीत पवार मुंबई से बारामती जा रहे थे, तभी उनका चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इससे पहले वे मुंबई में महाराष्ट्र कैबिनेट की एक बैठक में शामिल हुए थे।
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66 साल के अजीत पवार एक अनुभवी नेता थे। वे एनसीपी संस्थापक शरद पवार के भतीजे और सांसद सुप्रिया सुले के चचेरे भाई थे। वे महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक (गैर-लगातार) उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेता थे और अलग-अलग सरकारों में छह बार इस पद पर रहे। उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की सरकारों में उपमुख्यमंत्री के रूप में काम किया। उनके परिवार में पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटे जय पवार और पार्थ पवार हैं।