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Malegaon Blast Case: ‘भगवा की जीत हुई, असली दोषियों को भगवान सजा देंगे’, बरी होने के बाद रो पड़ीं साध्वी प्रज्ञा

July 31, 2025

Malegaon Blast Case: ‘भगवा की जीत हुई, असली दोषियों को भगवान सजा देंगे’, बरी होने के बाद रो पड़ीं साध्वी प्रज्ञा

नेशनल डेस्क: 2008 में हुए मालेगांव बम धमाके के मामले में विशेष एनआईए (NIA) अदालत ने बुधवार को साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले। फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा भावुक हो गईं और कोर्ट में रो पड़ीं। उन्होंने कहा, “आज भगवा और हिंदुत्व की जीत हुई है। जिन लोगों ने हमें झूठे केस में फंसाया और भगवा को बदनाम किया, उन्हें भगवान सजा देंगे।”

झूठे आरोपों में फंसा कर मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी गई

साध्वी ने बताया कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया था और जांच के दौरान उन्हें बहुत प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा, “मैं एक साध्वी थी, तपस्वी जीवन जी रही थी, लेकिन मुझे झूठे आरोपों में फंसाकर मेरी पूरी ज़िंदगी बर्बाद कर दी गई।” उन्होंने कोर्ट का धन्यवाद भी किया और कहा कि न्याय मिला, लेकिन उनकी तकलीफ़ को कोई नहीं समझ पाया।

17 साल लंबा इंतजार, सैकड़ों गवाह

29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल में लगे बम से विस्फोट हुआ था। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी और 95 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस केस की शुरुआत एटीएस (ATS) ने की थी, लेकिन 2011 में यह जांच एनआईए को सौंप दी गई। करीब 17 साल तक चली सुनवाई में सैकड़ों गवाहों की गवाही ली गई। कोर्ट ने यह कहते हुए सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया कि कोई ठोस सबूत नहीं मिले।

 

अन्य आरोपियों की प्रतिक्रिया

बरी किए गए अन्य आरोपी जैसे मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित ने भी कोर्ट के फैसले पर राहत जताई। मेजर उपाध्याय ने कहा, “हमें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया। हमारे परिवारों को आतंकवादियों के रिश्तेदार कहा गया। आज ये कलंक मिट गया है।” लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित ने कहा, “मुझे फिर से देश और सेना की सेवा करने का अवसर मिला, यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात है। मैं किसी संस्था को दोष नहीं देता, गलती करने वाले लोग होते हैं, संस्थाएं नहीं।”

अदालत का आदेश और सुरक्षा व्यवस्था

इस केस में आरोपी सुधाकर चतुर्वेदी के घर से विस्फोटक मिलने के मामले में अदालत ने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है। समीर कुलकर्णी, एक अन्य आरोपी, ने कोर्ट में नारे लगाने की अनुमति मांगी, लेकिन कोर्ट ने यह मांग ठुकरा दी। फैसले के दिन एनआईए कोर्ट के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। कई लोग कोर्ट परिसर में फैसले का इंतजार करते दिखे। कुछ गवाह भी इस ऐतिहासिक फैसले को सुनने कोर्ट पहुंचे थे।

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