Site icon Dainik Savera Times

‘कोई तुम्हें वोटर लिस्ट से बाहर नहीं कर सकता’, SIR को लेकर ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर केंद्र सरकार और BJP पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “किसी भी मतदाता को वोटर लिस्ट से बाहर नहीं किया जा सकता। मैं तुम्हें बाहर नहीं निकालने दूंगी।”

ममता बनर्जी एक जनसभा को संबोधित कर रही थीं, जहां उन्होंने SIR प्रक्रिया का विरोध किया। उन्होंने कहा कि BJP यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि कई लोग बांग्लादेशी हैं, इसलिए उन्हें वोटर लिस्ट से हटाया जाना चाहिए। इस पर सवाल उठाते हुए ममता ने कहा, “अगर सच में मकसद बांग्लादेशी लोगों को हटाना है, तो फिर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी यही प्रक्रिया क्यों चल रही है? क्या वहां भी बांग्लादेशी रहते हैं?”

 

एक दिन वे मुझे भी बांग्लादेशी बोल देंगे
उन्होंने आगे कहा, “मैं बांग्लादेश को एक देश के तौर पर इसलिए पसंद करती हूं क्योंकि हमारी भाषा एक जैसी है। एक दिन वे मुझे भी बांग्लादेशी बोल देंगे।” ममता बनर्जी ने कहा कि “PM मोदी को भी 2024 में इसी वोटर लिस्ट से वोट मिले थे। अगर अब नाम गलत है, तो सरकार खुद कैसे सही है?” उन्होंने कहा, “इतनी जल्दी SIR क्यों कर रहे हैं? इसका एक ही मकसद है, लोगों को डराना।” ममता बनर्जी ने स्पष्ट कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री हैं, किसी भी मतदाता को वोटर लिस्ट से हटाने नहीं दिया जाएगा।

क्या है SIR प्रक्रिया?
इलेक्शन कमीशन ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया के दूसरे चरण की घोषणा की है। फाइनल वोटर लिस्ट 7 फरवरी 2026 को जारी होगी। SIR उन राज्यों में चल रही है अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल। पहला चरण पहले ही बिहार में पूरा हो चुका है।

 

सुवेंदु अधिकारी ने लगाए गंभीर आरोप
इसी बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी चेफ इलेक्शन कमिश्नर को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC सरकार SIR प्रक्रिया में निष्पक्षता का पालन नहीं कर रही है। राज्य की पुलिस का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। एक महिला पुलिस सम्मेलन में TMC नेताओं और सेवारत पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी गलत है। अधिकारी के अनुसार यह एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि “राजनीतिक रैली” जैसा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि TMC वोटर लिस्ट में धांधली कर रही है और SIR प्रक्रिया “स्कैम” बन चुकी है।

अधिकारी की मांग
आगामी 2026 विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल पुलिस को प्राथमिक चुनाव ड्यूटी से हटाया जाए। सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) को तैनात किया जाए ताकि चुनाव निष्पक्ष हों।

Exit mobile version