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मोती धारण करने के हैं कई चमत्कारी लाभ, जानें कब, कैसे और किस उंगली में पहनें चंद्रमा का यह रत्न

Benefits wearing pearls Ring : मोती यानी पर्ल को चंद्रमा का रत्न माना गया है और इसे धारण करने से मन, मस्तिष्क और भावनाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा मन के कारक ग्रह होते हैं और मोती उनके प्रभाव को बढ़ाता है। यही कारण है कि मानसिक अशांति, पढ़ाई में एकाग्रता की कमी, वैवाहिक जीवन में तनाव और प्रेम संबंधों में खटास जैसी समस्याओं में मोती धारण करना लाभकारी माना गया है। लेकिन मोती पहनने से पहले कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी होता है। तो आइए विस्तार से जानते हैं…

मोती धारण करने के लाभ

मानसिक शांति: मोती पहनने से मन शांत रहता है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं।

वैवाहिक जीवन में सुधार: शादीशुदा लोगों को साथी से जुड़े मनमुटाव दूर करने में मदद मिलती है।

प्रेम संबंध मजबूत: प्रेमी-प्रेमिकाओं के रिश्ते मधुर बनते हैं।

विद्यार्थियों को लाभ: पढ़ाई में मन न लगने की समस्या से जूझ रहे छात्रों को भी यह रत्न मदद करता है।

किस हाथ और किस उंगली में पहनें मोती?

ज्योतिष के अनुसार, व्यक्ति को मोती उसी हाथ में पहनना चाहिए जिसका वह सबसे अधिक उपयोग करता है:

दाएं हाथ से कार्य करने वाले व्यक्ति दाएं हाथ की कनिष्ठिका (छोटी उंगली) में मोती पहनें।

मोती को चांदी की अंगूठी में जड़वाना श्रेष्ठ माना जाता है।

कौन सा दिन है मोती पहनने के लिए शुभ?

– शुक्ल पक्ष के किसी सोमवार को मोती पहनना बेहद शुभ होता है।

– पूर्णिमा के दिन भी मोती धारण करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

मोती पहनने से पहले करें ये जरूरी उपाय

1. मोती की रिंग को गंगाजल या गाय के कच्चे दूध में 10 मिनट तक भिगोकर शुद्ध करें।
2. फिर रिंग को पहनने से पहले “ॐ चंद्राय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
3. मोती की अंगूठी कम से कम 7 से 8 रत्ती की होनी चाहिए ताकि इसका पूरा प्रभाव मिल सके।

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