नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जब गुरुवार को दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पहुंचे, तो उन्हें रिसीव करने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे। यह वो पल था जब PM मोदी ने स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पर पुतिन का स्वागत किया, जो भारत-रूस के मजबूत रिश्तों और दोनों नेताओं की व्यक्तिगत दोस्ती का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
एक ही कार में दिखे मोदी और पुतिन, 3 महीने में दूसरी बार
एयरपोर्ट से निकलते समय प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन एक ही कार में बैठे नज़र आए। इससे पहले सितंबर में चीन के तियानजिन में हुई SCO समिट के दौरान भी दोनों नेता एक ही कार में सफर करते दिखे थे। उस समय पुतिन ने PM मोदी के आने का इंतज़ार करते हुए करीब 10 मिनट कार के बाहर रुककर उनका इंतज़ार किया था।
PM Narendra Modi tweets, “Delighted to welcome my friend, President Putin to India. Looking forward to our interactions later this evening and tomorrow. India-Russia friendship is a time-tested one that has greatly benefitted our people.” pic.twitter.com/nDkp3Ek7wz
— ANI (@ANI) December 4, 2025
पुतिन का दो दिन का भारत दौरा
पुतिन 5 दिसंबर को PM मोदी के साथ 23वीं भारत-रूस सालाना समिट करेंगे। यह उनकी 2021 के बाद पहली भारत यात्रा है, खासकर तब जब रूस 2022 से यूक्रेन युद्ध में उलझा हुआ है।
भारत-रूस रिश्तों का मजबूत संदेश
पुतिन के भारत पहुंचते ही उन्हें औपचारिक स्वागत दिया गया। यह दौरा साफ दिखाता है कि पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद रूस और भारत के रिश्ते मजबूत बने हुए हैं। भारत ने हमेशा दोनों तरफ संतुलन रखा है, एक तरफ रूस के साथ पुराना रणनीतिक रिश्ता, दूसरी तरफ पश्चिमी देशों के साथ बढ़ते संबंध। यह विज़िट भारत की इसी “स्ट्रेटेजिक बैलेंसिंग” का उदाहरण है।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin travel in the same car, as they depart from the Palam Technical Airport in Delhi
President Putin is on a two-day State visit to India. He will hold the 23rd India-Russia Annual Summit with PM… pic.twitter.com/R1CgPlj2B6
— ANI (@ANI) December 4, 2025
कल का कार्यक्रम
शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में पुतिन का औपचारिक स्वागत, राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि और हैदराबाद हाउस में PM मोदी के साथ महत्वपूर्ण वार्ता और प्रेस स्टेटमेंट। कुल मिलाकर, पुतिन की यह यात्रा भारत-रूस साझेदारी की मजबूती और मोदी-पुतिन दोस्ती का एक और मजबूत संकेत मानी जा रही है।

