Last Updated: October 19, 2026

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मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर 33 घंटे तक फंसे लोगों को मिलेंगे 5.16 करोड़ रुपये, जानिए कारण…

February 23, 2026

मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर 33 घंटे तक फंसे लोगों को मिलेंगे 5.16 करोड़ रुपये, जानिए कारण…

नेशनल डेस्कः बीते 3 फरवरी को मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे के खोपोली खंड पर एक गैस टैंकर के पलट जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। यह जाम करीब 33 घंटों तक जारी रहा, जिसमें हजारों यात्री और वाहन कई किलोमीटर तक फंसे रहे। लंबे इंतजार के दौरान लोगों को भोजन, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ा।

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गैस टैंकर हादसे से लगा महा-जाम

गैस टैंकर के पलटने के बाद संभावित बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए पूरे स्ट्रेच को खाली कराया गया। मरम्मत और बचाव कार्य घंटों तक चलता रहा। इस दौरान एक्सप्रेसवे की दोनों लेनों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत टोल वसूली रोकने के आदेश दिए। हालांकि, तकनीकी गड़बड़ियों के कारण कुछ वाहनों से टोल राशि फिर भी कट गई।

किन वाहनों को मिलेगा टोल रिफंड?

महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) के अनुसार, जाम के दौरान टोल प्लाजा पार करने वाले सभी वाहन स्वामियों को टोल राशि वापस की जाएगी। अनुमान है कि एक लाख से अधिक वाहन चालक इस रिफंड योजना के दायरे में आएंगे। सरकार ने कुल 5.16 करोड़ रुपये लौटाने का निर्णय लिया है। यह फैसला उन वाहन चालकों के हित में लिया गया है, जिनके खाते से टोल वसूली रोकने के आदेश के बावजूद पैसे कट गए थे। MSRDC ने टोल ऑपरेटर से उस अवधि के सभी ट्रांजैक्शंस का डेटा मांगा है, ताकि पात्र वाहन मालिकों की पहचान कर रिफंड प्रक्रिया पूरी की जा सके।

कैसे मिलेगा रिफंड?

रिफंड के लिए वाहन चालकों को किसी प्रकार का आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। टोल की राशि सीधे प्रभावित वाहन स्वामियों के FASTag वॉलेट या उनके लिंक किए गए बैंक खातों में अगले कुछ दिनों के भीतर क्रेडिट कर दी जाएगी।

कब तक बंद रहा टोल कलेक्शन?

3 फरवरी को हादसे के बाद प्रशासन ने टोल कलेक्शन अस्थायी रूप से निलंबित करने का आदेश जारी किया था। बावजूद इसके, तकनीकी कारणों से कुछ बैरियर पूरी तरह नहीं खुले और ऑटोमैटिक FASTag भुगतान कटते रहे। अब प्रशासन उन्हीं ट्रांजैक्शंस की जांच कर संबंधित वाहन स्वामियों को राशि वापस कर रहा है। MSRDC अधिकारियों के अनुसार, आदेश के बावजूद प्रोसेस हुए सभी FASTag ट्रांजैक्शंस का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र चालक रिफंड से वंचित न रह जाए।

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