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नेशनल हेराल्ड केसः ईडी की चार्जशीट पर फैसला टला, अब 16 दिसंबर को सुनाया जाएगा आदेश

November 29, 2025

नेशनल हेराल्ड केसः ईडी की चार्जशीट पर फैसला टला, अब 16 दिसंबर को सुनाया जाएगा आदेश

नेशनल डेस्कः राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला टाल दिया। अब अदालत 16 दिसंबर को अपना आदेश सुनाएगी, हालांकि ईडी की जांच पर कांग्रेस की दलील थी कि यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है। इस मामले में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस ओवरसीज प्रमुख सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोपी बनाया गया है।

ईडी का आरोप है कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों पर गलत तरीके से कब्जा किया। एजेंसी का दावा है कि यह पूरी योजना महज 50 लाख रुपए में यंग इंडियन नाम की कंपनी के माध्यम से की गई। इस कंपनी में सोनिया और राहुल गांधी की अधिकांश हिस्सेदारी है।

अदालत ने 7 नवंबर को आदेश सुरक्षित रखते हुए ईडी से कुछ अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांगे थे। विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने कहा था कि कुछ दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की जानकारी को और गहराई से देखना जरूरी है। अदालत ने केस रिकॉर्ड की जांच के बाद बताया कि लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, कथित किराए की रसीदें और फंड फ्लो का पूरा पैटर्न विस्तार से देखने के बाद ही फैसला लिया जा सकता है। अदालत ने कहा था, “अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने केस फाइलों की जांच के मद्देनजर जरूरी स्पष्टीकरण दे दिए हैं। आदेश अब 16 दिसंबर को सुनाया जाएगा।”

ईडी का कहना है कि इसमें फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग के स्पष्ट सबूत मिले हैं और यह एक गंभीर आर्थिक अपराध है। वहीं कांग्रेस का दावा है कि यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है। उनका कहना है कि यंग इंडियन का गठन कानूनी नियमों के तहत हुआ और इसमें किसी भी तरह का निजी लाभ शामिल नहीं है। ईडी ने आरोप लगाया है कि कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के निर्देश पर कुछ लोगों ने वर्षों तक फर्जी अग्रिम किराया भुगतान दिखाया और नकली किराया रसीदें जारी कीं। एजेंसी के अनुसार, यह सब एजेएल की संपत्तियों पर नियंत्रण हासिल करने की योजना का हिस्सा था।

इस विवाद की शुरुआत 2012 में हुई, जब भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्रायल कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेएल के अधिग्रहण की प्रक्रिया में कांग्रेस नेताओं ने धोखाधड़ी और भरोसे का उल्लंघन किया। इस केस की अगली सुनवाई अब 16 दिसंबर को होगी, जब अदालत तय करेगी कि क्या ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाएगा या नहीं।

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