नेशनल डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का प्रचार सोमवार को खत्म हो गया, और इस दौरान नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी का सिलसिला जारी रहा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महागठबंधन को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया और बिहार के मतदाताओं से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवारों को समर्थन देने का आग्रह किया।
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गडकरी ने महागठबंधन को “अंजे, पंजे, गंजे” कहा और दावा किया कि अगर NDA को वोट दिया गया, तो यह गठबंधन राज्य में विपक्ष का सफाया करने में सफल रहेगा। उन्होंने कहा कि “यह गठबंधन बिहार में एक शक्तिशाली ‘करंट’ पैदा करेगा जो इन ‘अंजे, पंजे, गंजे’ को गायब कर देगा।” गडकरी ने आगे कहा कि बिहार और केंद्र की सरकार मिलकर राज्य के विकास के लिए काम कर रही हैं, जिसे वह “डबल इंजन” सरकार का नाम देते हैं। उन्होंने यह भी वादा किया कि बिहार में जल्द ही अमेरिका जैसी सड़कों का निर्माण किया जाएगा और राज्य में एक के बाद एक प्रभावशाली पुल बनाए जाएंगे।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महागठबंधन पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने अपने प्रचार के लिए “तीन बंदरों” को बुलाया है। योगी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि यह नेता बिहार में हुए विकास को देख, सुन और समझ नहीं पा रहे हैं। उन्होंने इन नेताओं को “पप्पू, टप्पू, अप्पू” की उपमा दी और कहा कि ये नेता न तो सच बोल सकते हैं, न सुन सकते हैं और न देख सकते हैं। यह बयानबाजी तब हो रही है जब बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार खत्म हो चुका है। चुनाव के परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
बिहार में इस बार एक तरफ एनडीए और दूसरी तरफ महागठबंधन के बीच मुकाबला है। एनडीए में भाजपा, जदयू, एलजेपी (रामविलास), हम (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। वहीं महागठबंधन में कांग्रेस, राजद, सीपीआई-एमएल, सीपीआई, सीपीएम और मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी शामिल हैं। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी राज्य की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। चुनाव 6 और 11 नवंबर को होंगे, और परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
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