नेशनल डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से ठीक एक दिन पहले, जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू ने अपने नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सम्मान में जश्न मनाया। पटना स्थित जेडीयू के दफ्तर के बाहर पूर्व मंत्री रंजीत सिन्हा ने एक बड़ा पोस्टर लगाया है, जिसमें नीतीश कुमार की तस्वीर के साथ लिखा है, “टाइगर जिंदा है”। इस पोस्टर में उन्हें समाज के सभी वर्गों, खासकर गरीबों और वंचितों के “रक्षक” के रूप में दिखाया गया है।
यह पोस्टर इस बात का संकेत है कि पार्टी के कार्यकर्ता चाहते हैं कि नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री बनें। इसी बीच, विपक्षी दलों खासकर महागठबंधन (MGB) को इस बात के लिए आलोचना झेलनी पड़ी है कि उन्होंने अब तक मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की औपचारिक घोषणा नहीं की है। राजद नेता तेजस्वी यादव बार-बार यह दावा कर चुके हैं कि अगर एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सत्ता में आती है, तो नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा था कि अब जेडीयू पर नीतीश कुमार नहीं, बल्कि भाजपा के नेता नियंत्रण कर रहे हैं।
हालांकि, भाजपा और एनडीए के तमाम बड़े नेताओं ने यह साफ किया है कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह दोनों ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि “बिहार में मुख्यमंत्री पद खाली नहीं है”, यानी नीतीश कुमार ही एनडीए के नेता रहेंगे। केंद्रीय मंत्री और बिहार भाजपा प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने भी सोमवार को कहा, “प्रधानमंत्री मोदी पहले ही कह चुके हैं कि मुख्यमंत्री पद के लिए कोई रिक्ति नहीं है। नीतीश कुमार ही हमारे नेता हैं, इसमें कोई भ्रम नहीं है।”
मतगणना 14 नवंबर को होगी। अगर पिछली बार की बात करें तो 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को कुल 125 सीटें मिली थीं, जबकि महागठबंधन को 110 सीटें। सजेडीयू को 43 सीटें, भाजपा को 74 सीटें, राजद को 75 सीटें और कांग्रेस को 19 सीटें मिली थीं। इस बार एग्जिट पोल्स में एनडीए को बढ़त मिलने के संकेत हैं, जिसके चलते भाजपा और जेडीयू के कार्यकर्ता पहले से ही जश्न की तैयारी में जुट गए हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...