नई दिल्ली: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि GRAP-IV की पाबंदियां हट जाने के बाद भी दिल्ली में ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नीति जारी रहेगी। इसका मकसद हवा के प्रदूषण को नियंत्रण में रखना है।
400 इंडस्ट्रियल यूनिट को सील किया
उन्होंने बताया कि खराब प्रदर्शन करने वाले PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) टेस्टिंग सेंटर्स के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब तक 12 ऐसे सेंटर जिन्हें गड़बड़ी में पकड़ा गया, उन्हें सस्पेंड और ब्लैकलिस्ट किया गया है। औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी (DPCC) ने 411 क्लोजर नोटिस जारी किए हैं, जबकि दिल्ली नगर निगम ने 400 औद्योगिक इकाइयों को सील किया।
4 नए ऑटोमैटिक PUC टेस्टिंग स्टेशन को मंजूरी
सिरसा ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चार नए ऑटोमैटिक PUC टेस्टिंग स्टेशन को मंजूरी दी है। इसके अलावा, ऊंची इमारतों पर लगी एंटी-स्मॉग गन (ASG) को ऑपरेट करने के लिए समय बढ़ाया गया है और बिल्डिंग मालिकों को मिस्टिंग सिस्टम लगाने का विकल्प दिया गया है।
पर्यावरण सुधार के लिए कैबिनेट ने होलांबी कलां में ई-वेस्ट पार्क स्थापित करने को भी मंजूरी दी है। दिल्ली का पहला ई-वेस्ट प्लांट जल्द शुरू होगा। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, NCR के कुछ इलाकों में हवा की क्वालिटी ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गई है, और कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर अभी भी खतरनाक है।
GRAP-IV के तहत सभी आवश्यक कार्रवाई लागू
इसके अलावा, CAQM (कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) ने दिल्ली-NCR में GRAP-IV के तहत सभी आवश्यक कार्रवाई लागू कर दी है, ताकि प्रदूषण पर कड़ी निगरानी बनी रहे। इस कदम से शहर में प्रदूषण नियंत्रण और वाहनों की जांच और भी सख्त तरीके से की जा सकेगी।

