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‘नहीं, सरकार कोई जासूसी नहीं करना चाहती’, संचार साथी ऐप को लेकर बोले संबित पात्रा

Sambit Patra hits back

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नई दिल्ली: भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने मंगलवार को संचार साथी ऐप को लेकर फैल रही चिंताओं और गलतफहमियों पर बात की। उन्होंने कहा कि यह ऐप लोगों की जासूसी करने के लिए नहीं, बल्कि मोबाइल फोन की सुरक्षा बढ़ाने और धोखाधड़ी रोकने के लिए बनाया गया है। दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पात्रा ने साफ कहा, “क्या सरकार संचार साथी ऐप के जरिए आपकी जासूसी करना चाहती है? नहीं। सरकार कोई जासूसी नहीं करना चाहती।”

उन्होंने बताया कि संचार साथी ऐप की मदद से यूजर संदिग्ध कॉल, धोखाधड़ी वाली गतिविधियों और खतरनाक लिंक की रिपोर्ट कर सकते हैं। इससे लोग खुद को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचा सकते हैं। ऐप चोरी हुए फोन को ट्रैक करने और IMEI नंबर की नकल (क्लोनिंग) को रोकने में भी मदद करता है। पात्रा के मुताबिक, ऐप आपके मैसेज नहीं पढ़ सकता, आपकी कॉल नहीं सुन सकता, और आपके पर्सनल डेटा तक पहुँच नहीं सकता।

धोखाधड़ी रोकना- फोन की सुरक्षा बढ़ाना असली काम

इसका असली काम है, धोखाधड़ी रोकना, फोन की सुरक्षा बढ़ाना और चोरी हुए मोबाइल फोन को वापस दिलाने में मदद करना। उन्होंने कहा कि आजकल IMEI की नकल करके फ़ोन का गलत इस्तेमाल किया जाता है। संचार साथी ऐसी गतिविधियों को पहचान लेता है और बताता है कि एक ही व्यक्ति के नाम पर कितने मोबाइल चल रहे हैं। इससे फर्जी नंबरों के इस्तेमाल पर रोक लगती है।

 

DoT ने कंपनियों को दिए ये निर्देश 

इस बीच, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन्स (DoT) ने मोबाइल बनाने और आयात करने वाली कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने फोन में संचार साथी ऐप पहले से इंस्टॉल करें। पुराने फ़ोन में यह ऐप सॉफ़्टवेयर अपडेट के जरिए दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन निर्देशों का मकसद है, लोगों को नकली या छेड़छाड़ किए गए मोबाइल खरीदने से बचाना, संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग आसान बनाना, और मोबाइल सुरक्षा को मजबूत करना।

भारत में सेकंड-हैंड मोबाइल का बड़ा बाजार है, जहां चोरी हुए या ब्लैकलिस्टेड फोन बेच दिए जाते हैं। ऐसे फ़ोन खरीदने वाला अनजाने में अपराध से जुड़ सकता है और पैसे का नुकसान भी झेल सकता है। सरकार चाहती है कि संचार साथी ऐप से ऐसी समस्याओं पर लगाम लगे।

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