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Air India Crash: ‘जांच रिपोर्ट में पायलट को हादसे के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया’, केंद्र ने SC में रखा पक्ष

नेशनल डेस्क: 12 जून को अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना एयर इंडिया की बोइंग 787-8 विमान (AI171) उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद एक मेडिकल हॉस्टल परिसर से टकरा गई, जिससे 265 लोगों की मौत हो गई, इनमें 241 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य शामिल थे। केवल एक व्यक्ति विश्वेशकुमार रमेश जीवित बच पाए।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

इस हादसे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। मृत पायलटों में से एक के पिता ने अदालत में याचिका दायर की थी, जिसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार और डीजीसीए (DGCA) से जवाब मांगा था।

केंद्र सरकार का पक्ष

केंद्र ने अदालत में कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पायलट को हादसे के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। जांच Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) द्वारा की जा रही है,जो अंतरराष्ट्रीय मानकों (ICAO norms) के तहत गठित टीम है। जांच अभी भी जारी है।

अदालत की टिप्पणियां

जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा, “AAIB की जांच किसी पर दोषारोपण के लिए नहीं होती, बल्कि यह समझने के लिए होती है कि दुर्घटना क्यों हुई ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।” जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि “यह मामला एयरलाइन बनाम एयरलाइन की लड़ाई नहीं बनना चाहिए।” और उन्होंने केंद्र को मृतक पायलट के पिता की याचिका पर औपचारिक जवाब दाखिल करने को कहा। सुनवाई अब दो सप्ताह बाद होगी।

एनजीओ और विशेषज्ञों की राय

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण (एक एनजीओ की ओर से पेश) ने कहा कि इतनी बड़ी दुर्घटना की जांच “कोर्ट ऑफ इंक्वायरी” की तरह होनी चाहिए। पायलट यूनियन ने भी विमानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

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