नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत और जॉर्डन को अपने पुराने व्यापारिक और ऐतिहासिक संबंधों को फिर से जीवित करना चाहिए, ताकि दोनों देशों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा हो सकें। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का रिश्ता सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लंबे समय तक चलने वाली साझेदारी का आधार बन सकता है।
पीएम मोदी ने बताया कि भारत इस समय जॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। उन्होंने कहा कि व्यापार में आंकड़े ज़रूरी होते हैं, लेकिन भारत का लक्ष्य केवल लेन-देन नहीं, बल्कि भरोसे और सहयोग पर आधारित स्थायी रिश्ता बनाना है।
पुराने रिश्ते, नया भविष्य
प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों की याद दिलाते हुए कहा कि एक समय था जब गुजरात से पेट्रा होते हुए यूरोप तक व्यापारिक रास्ते सक्रिय थे। उन्होंने कहा कि भविष्य की समृद्धि के लिए इन पुराने व्यापारिक संबंधों को नए रूप में फिर से मजबूत करना ज़रूरी है।
#WATCH | Amman | At India-Jordan Business Meet, PM Modi says,” India’s growth rate is above 8%. This is a result of productivity, governance and innovation-driven policies. New doors of opportunities are opening for investors and businesses from Jordan. Today, the world needs a… pic.twitter.com/vaEyxEXRa2
— ANI (@ANI) December 16, 2025
भरोसे और अवसरों का अनोखा रिश्ता
पीएम मोदी ने भारत-जॉर्डन रिश्तों को खास बताते हुए कहा कि यह ऐसा संबंध है जहां पुराना भरोसा और नए आर्थिक अवसर साथ-साथ चलते हैं। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि भौगोलिक स्थिति को अवसर में और अवसर को स्थायी विकास में कैसे बदला जाए।
भारत की तेज आर्थिक प्रगति
प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक मजबूती का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत 8 प्रतिशत से अधिक की विकास दर के साथ दुनिया की *तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। यह प्रगति बेहतर शासन, ज़्यादा उत्पादकता नवाचार आधारित नीतियों की वजह से हो रही है। उन्होंने कहा कि आज भारत हर जॉर्डन के निवेशक और कारोबारी के लिए लगभग हर क्षेत्र में बड़े अवसर प्रदान करता है।
डिजिटल सहयोग पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा (Digital Public Infrastructure) बनाने में भारत का अनुभव जॉर्डन के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है। उन्होंने बताया कि UPI, आधार और DigiLockerजैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म आज दुनिया के लिए मिसाल बन चुके हैं, जो समावेशन और कामकाज की दक्षता को बढ़ाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने जॉर्डन के राजा के साथ इन डिजिटल प्रणालियों को जॉर्डन की व्यवस्था से जोड़ने के तरीकों पर चर्चा की है।
स्टार्टअप और इनोवेशन में साझेदारी
पीएम मोदी ने भारत और जॉर्डन के बीच स्टार्टअप इकोसिस्टम में सहयोग की संभावना पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों देश मिलकर एक साझा प्लेटफॉर्म बना सकते हैं। जहां स्टार्टअप्स, विचार, इनोवेशन और पूंजी एक साथ आए। इससे दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते और ज़्यादा मज़बूत होंगे।

