नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद देशवासियों से अपील की कि वे कश्मीरियों को इस हमले के लिए दोषी ठहराने से बचें। उन्होंने कहा कि कश्मीरी लोग इस हमले में शामिल नहीं थे और यह हमला बाहरी तत्वों द्वारा किया गया था, न कि स्थानीय लोगों द्वारा।
उमर अब्दुल्ला ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “मैं उन पीड़ितों के परिवारों के साथ एकजुटता दिखाना चाहता हूं, जिन्होंने इस दुखद घटना का सामना किया।” उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीरी लोग इस हमले की निंदा कर रहे हैं और इसको अपनी इच्छा के खिलाफ मानते हैं।
हम 35 सालों से कष्ट झेल रहे हैं, शांति चाहते हैं: अब्दुल्ला
अब्दुल्ला ने आगे कहा, “कश्मीर के लोगों ने साफ तौर पर कहा है कि इस हमले में उनका कोई हाथ नहीं है और यह हमला कश्मीरी लोगों के खिलाफ नहीं था। हमे इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि कश्मीरी हमारे दुश्मन हैं। हम भी पिछले 35 सालों से कष्ट झेल रहे हैं और शांति चाहते हैं।” उन्होंने देशवासियों से अपील की कि “कृपया कश्मीरी लोगों को दोषी ठहराने का यह गलत विचार न पालें। यह हमला स्थानीय नहीं, बल्कि बाहरी तत्वों द्वारा किया गया था।”
यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग शांति चाहते हैं और हिंसा के ऐसे कृत्य उनकी इच्छा का प्रतिनिधित्व नहीं करते। उन्होंने यह भी कहा, “अगर यह हमारे हाथ में होता तो ऐसा कुछ नहीं होता। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।”
आतंकी हमले में 26 जानें गईं
यह हमला 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन मैदान में हुआ था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इसमें 25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक शामिल थे। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद से घाटी में सबसे भयानक आतंकी घटना मानी जा रही है, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे।

