इंटरनेशनल डेस्क : बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शेख हसीना समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई का एक नया अभियान शुरू किया है। इस अभियान का नाम “ऑपरेशन डेविल हंट” रखा गया है। इस अभियान के तहत बांग्लादेश की सुरक्षा एजेंसियां शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही हैं।
आधी रात से शुरू हुआ था अभियान
आपको बता दें कि यह अभियान शनिवार (8 फरवरी) की आधी रात से शुरू हुआ था और अब तक 1308 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन सभी लोगों को संदिग्ध के रूप में गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी के अनुसार, यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक “फासिस्ट समर्थक” या “शैतान” को पकड़ नहीं लिया जाता।
ऑपरेशन डेविल हंट का उद्देश्य
अंतरिम सरकार ने इस अभियान के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह अभियान उन लोगों को पकड़ने के लिए चलाया जा रहा है जो देश की स्थिरता के लिए खतरे का कारण बन सकते हैं। लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी ने कहा कि जब तक सभी संदिग्ध नहीं पकड़े जाते, यह अभियान जारी रहेगा।
विरोध प्रदर्शन के बाद अभियान की शुरुआत
इस अभियान को ढाका के बाहरी इलाके में अवामी लीग नेता के घर पर तोड़फोड़ करने और छात्र प्रदर्शनकारियों के घायल होने के बाद लागू किया गया। इससे सरकार ने यह निर्णय लिया कि पूरे देश में इस अभियान को चलाया जाए।
अभियान में तीनों सेनाएं भी शामिल
पुलिस के अलावा, इस अभियान में बांग्लादेश की तीनों सेनाएं और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी शामिल हैं। पुलिस महानिरीक्षक बहारुल आलाम ने कहा कि यह ऑपरेशन बांग्लादेश के अन्य अभियान से अलग और केंद्रीय रूप से संगठित होगा। इसे एक नियंत्रण कक्ष से संचालित किया जाएगा।
सरकार का रुख
गृह मंत्रालय के सचिव डॉ. नसीमुल गनी ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को पकड़ना है जो देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार अपने प्रयासों में अमानवीय या क्रूर नहीं हो सकती, जैसा कि पिछले सरकारों में देखा गया था। बांग्लादेश में शेख हसीना समर्थकों के खिलाफ शुरू किए गए ऑपरेशन डेविल हंट ने सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना दिया है। इस अभियान के तहत लगातार गिरफ्तारी हो रही हैं और सरकार ने इसे देश की स्थिरता के लिए जरूरी कदम बताया है।

