नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा कदम उठाया है। इस हमले के बाद सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर में 250 से ज्यादा ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) को पकड़ा है। ओवर ग्राउंड वर्कर्स वे लोग होते हैं जो आतंकियों की मदद करते हैं, जैसे कि उन्हें छुपने की जगह देना, खाना-पानी या ज़रूरी जानकारी मुहैया कराना।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर एक बड़ा जांच अभियान शुरू किया है। इसके तहत पूरे कश्मीर में करीब 1200 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है, जो किसी न किसी तरह से आतंकी गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। अब तक कुल 1450 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
इस कार्रवाई का मकसद क्या है?
अधिकारियों का कहना है कि इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि हमले के पीछे कौन-कौन लोग थे और किसने हमलावरों की मदद की। माना जा रहा है कि ओवर ग्राउंड वर्कर्स ने आतंकियों को जरूरी संसाधन या जानकारी दी होगी, लेकिन अभी उनकी भूमिका की पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां गहराई से जांच कर रही हैं ताकि आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा जा सके और आगे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
गुनहगारों को मिलेगा करारा जवाब
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के एक दिन बाद बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ा बयान दिया। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘कल पहलगाम में धर्म को निशाना बनाते हुए आतंकियों के कायरतापूर्ण हमले में हमारे देश ने अनेक निर्दोष नागरिकों को खोया है। भारत एक इतनी पुरानी सभ्यता और इतना बड़ा देश है, जिसे ऐसी किसी भी आतंकी गतिविधियों से डराया नहीं जा सकता। ऐसी हरकतों का जवाब, इसके जिम्मेदार लोगों को आने वाले कुछ ही समय में जोरदार तरीके से मिलेगा। भारत का एक-एक नागरिक, इस कायरतापूर्ण हरकत के खिलाफ एकजुट है।”