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पाकिस्तान टेररिज्म को टूरिज्म मानता है, ये दुनिया के लिए बहुत बड़ा खतरा: कच्छ में बोले पीएम मोदी

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के दौरे पर हैं। उन्होंने कच्छ में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, ”भारत टूरिज्म पर विश्वास करता है, टूरिज्म लोगों को जोड़ता है। लेकिन पाकिस्तान जैसा देश भी है, जो टेररिज्म को ही टूरिज्म मानता है और ये दुनिया के लिए बहुत बड़ा खतरा है।”

आतंकवाद को खत्म करना मकसद
उन्होंने बताया कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति “जीरो टॉलरेंस” की है। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने ये साफ कर दिया है कि जो हमें खून बहाकर नुकसान पहुंचाएगा, उसे उसी भाषा में जवाब मिलेगा। हमने पाकिस्तान को 15 दिन का समय दिया, लेकिन जब उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की, तो मैंने सेना को पूरी छूट दे दी।” उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि मानवता को बचाने और आतंकवाद को खत्म करने का मिशन है।


भारत के रिएक्शन के बाद बौखलाया भारत
पीएम मोदी ने कहा, “भारत की प्रतिक्रिया के बाद पाकिस्तान बौखला गया। उन्होंने कच्छ सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन भेजे। 1971 के युद्ध के दौरान कच्छ की बहादुर महिलाओं ने भुज रनवे की 72 घंटे में मरम्मत करके पाकिस्तान के दुष्प्रचार को परास्त कर दिया। वे महिलाएं मेरे पास आईं और मुझे आशीर्वाद दिया, साथ ही उन्होंने मुझे सिंदूर का एक पौधा भी उपहार में दिया। इसे प्रधानमंत्री आवास में लगाया जाएगा।”

विकास परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज कच्छ जिले में 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं की शुरुआत की गई है, जो कभी पूरे गुजरात में एक साथ नहीं होती थीं। उन्होंने कहा कि अब एक ही जिले को इतनी बड़ी परियोजनाओं का लाभ मिल रहा है, जो भारत को “नीली अर्थव्यवस्था” (Blue Economy) और “हरित ऊर्जा” (Green Energy) में आगे ले जाने का रास्ता बनाएंगी।

मुख्य परियोजनाएं
-खावड़ा अक्षय ऊर्जा पार्क से बिजली निकालने के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क।
-तापी जिले में एक नया अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट।
-कांडला बंदरगाह पर विकास कार्य।
-गुजरात सरकार की कई सड़क, जल और सौर ऊर्जा परियोजनाएं।

कच्छ से भावनात्मक जुड़ाव
पीएम मोदी ने कहा कि कच्छ से उनका पुराना रिश्ता है। उन्होंने याद किया कि जब पहली बार नर्मदा का पानी कच्छ पहुंचा था, तो लोगों ने उसे दिवाली जैसा उत्सव मनाया था। उन्होंने कहा कि कच्छ के लोगों का आत्मविश्वास हमेशा उन्हें प्रेरणा देता रहा है।

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