जम्मू-कश्मीर डेस्क. नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने लद्दाख के लेह में हो रही हिंसा पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोग अपनी स्टेटहुड के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उनके आंदोलन का कारण सिर्फ यह है कि सरकार ने उनसे किए गए वादों को पूरा नहीं किया। पहले लद्दाख के लोगों ने शांति से अपनी बात रखी थी, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने गांधी के रास्ते को छोड़कर आंदोलन का रास्ता अपनाया।
फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा- लेह में बीजेपी के दफ्तर और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई है। मैं केंद्र सरकार से कहना चाहता हूं कि लद्दाख चीन और पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है। यहां किसी भी तरह की चिंगारी नहीं भड़कनी चाहिए। केंद्र सरकार को इसे सुलझाने के बजाय और उलझाने का काम नहीं करना चाहिए। कुछ लोग यह कह रहे हैं कि लद्दाख में हिंसा विदेशी ताकतों की वजह से हो रही है, लेकिन यह बिल्कुल गलत है। यह हिंसा यहां की जनता की आवाज है, जो लोग हमारे राज्य के साथ गलत कर रहे हैं, उन्हें लद्दाख से सीखना चाहिए।
फारूक अब्दुल्ला ने लद्दाख के युवाओं का समर्थन करते हुए कहा- यहां के युवा अब पूरी तरह से तय कर चुके हैं कि चाहे उनकी जान जाए, लेकिन वे अपना स्टेटहुड नहीं खोने देंगे। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने हमेशा शांति और गांधी के रास्ते को अपनाया है, लेकिन जब तक सरकार नहीं सुनती, तब तक बच्चों के संघर्ष को नकारा नहीं किया जा सकता। लद्दाख में जो कुछ भी हो रहा है, वह दिल्ली में बैठे नेताओं की गलत नीतियों की वजह से हो रहा है। इन नेताओं को अब जाग जाना चाहिए, नहीं तो यह समस्या और बढ़ जाएगी।
जब फारूक अब्दुल्ला से पूछा गया कि क्या चीन ने भारत की जमीन पर कब्जा किया है, तो उन्होंने कहा, “अगर चीन ने हमारी जमीन पर कब्जा नहीं किया है, तो बीजेपी क्यों कहती है कि हमें अपनी जमीन वापस लेनी है? हम वहां पैट्रोलिंग भी नहीं कर पा रहे हैं।”