
नेशनल डेस्क : आज यानी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुद्रा योजना के लाभार्थियों से सीधे बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के नौजवानों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने का साहस देना है। आइए जानते है इस पूरे खबर को विस्तार से…
“आय से नहीं, साहस से सशक्त बनाएं”
आपको बता दें कि पीएम मोदी ने लाभार्थियों से बात करते हुए कहा कि मुद्रा योजना उनकी व्यक्तिगत तारीफ के लिए नहीं है। यह योजना उन युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है, जो अपनी मेहनत और साहस से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना के तहत मिलने वाला लोन लोगों को नए कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
PM मोदी का मजेदार तंज
वहीं इस बातचीत के दौरान एक पल ऐसा भी आया जब पीएम मोदी ने एक लाभार्थी से पूछा, “आपकी आय कितनी है?” इस पर लाभार्थी थोड़ी झिझक के साथ जवाब देने में असमर्थ था। इस पर पीएम मोदी ने हंसी मजाक करते हुए कहा, “फिक्र मत करो, वित्त मंत्री मेरे पास बैठी हैं, मैं उन्हें कह दूंगा कि इनकम टैक्स वाले आपके पास नहीं आएंगे।” प्रधानमंत्री के इस तंज पर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े, जिससे माहौल खुशनुमा हो गया।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi interacted with ‘Mudra Yojana Beneficiaries’
PM Modi says, “The Mudra scheme is not for Modi’s praises. This scheme is to give courage to the youth of my country to stand on their own feet.”
Lavkush Mehra, a beneficiary from Bhopal,… pic.twitter.com/lq3o5eKeMl
— ANI (@ANI) April 8, 2025
लवकुश मेहरा का उदाहरण
प्रधानमंत्री से बातचीत में मध्य प्रदेश के भोपाल के लाभार्थी लवकुश मेहरा ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया, “पहले मैं नौकर था, किसी और के पास काम करता था, लेकिन मुद्रा लोन के जरिए आपने हमारी गारंटी ली और आज हम खुद के मालिक बन गए हैं।” लवकुश ने बताया कि उन्होंने 2021 में अपना व्यवसाय शुरू किया और बैंक से 5 लाख रुपये का लोन लिया। हालांकि शुरुआत में उन्हें डर था कि वह इसे चुका पाएंगे या नहीं, लेकिन आज उनका टर्नओवर 12 लाख रुपये से बढ़कर 50 लाख रुपये से अधिक हो गया है।
मुद्रा योजना क्या है?
दरअसल, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म और छोटे उद्यमों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह योजना उन उद्यमियों को लोन देती है जो बिना किसी गारंटी के अपने छोटे व्यवसायों की शुरुआत करना चाहते हैं। पिछले 10 वर्षों में इस योजना के तहत 50 करोड़ से अधिक ऋण खातों को मंजूरी दी गई है।
महिला लाभार्थियों की महत्वपूर्ण संख्या
इस योजना में खास बात यह है कि 68 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं। इसके अलावा, 50 प्रतिशत लाभार्थी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े समुदायों से आते हैं। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एमनागराजू ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में 33 लाख करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है, जिससे लाखों लोगों को व्यवसाय करने का मौका मिला है।
लाभार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन
इस योजना के लाभार्थी अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया और भी सरल और सुलभ हो गई है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना न केवल भारत के युवाओं को अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि यह छोटे व्यवसायों को भी बड़ा बनाने का एक माध्यम बन चुकी है।