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मौलाना मदनी के बयान पर सियासी बवाल, संबित पात्रा ने कहा- देश को बांटने की कोशिश

नेशनल डेस्क: BJP नेता और सांसद संबित पात्रा ने शनिवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के हाल के बयानों पर कड़ा हमला किया। उन्होंने दोनों नेताओं के बयानों को “बांटने वाला, भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना” बताया।

मदनी के जिहाद वाले बयान पर विवाद

भोपाल में जमीयत की मीटिंग के दौरान मौलाना महमूद मदनी ने कहा था कि मुसलमान देश में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, मॉब लिंचिंग, बुलडोज़र कार्रवाई, वक्फ संपत्तियों पर कब्ज़ा, और मदरसों के खिलाफ कैंपेन जैसी घटनाएँ बढ़ रही हैं, और ज़ुल्म के विरोध को उन्होंने जिहाद शब्द से जोड़ा।

मदनी ने यह भी आरोप लगाया कि देश के हालात “गंभीर और चिंताजनक” हैं, एक समुदाय को “जानबूझकर निशाना” बनाया जा रहा है, और सुप्रीम कोर्ट स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि कोर्ट अगर संविधान के हिसाब से काम नहीं करेगा, तो वह “सुप्रीम” कहलाने लायक नहीं है।

 

संबित पात्रा की प्रतिक्रिया

संबित पात्रा ने इन बयानों को “भड़काऊ और देश को बांटने वाला” बताते हुए कहा, जिहाद शब्द का इस्तेमाल खतरनाक है। आतंकवाद को इसी नाम पर बढ़ावा मिला है, इसलिए भारत जैसे देश में ऐसा बयान गैर-जिम्मेदाराना है। सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाने वाले बयान पर कोर्ट को खुद संज्ञान लेना चाहिए। पात्रा ने कहा कि देश की Q2 GDP का ऐतिहासिक आंकड़ा आया है, जो देश की तरक्की दिखाता है, लेकिन इसी समय ऐसे “विभाजनकारी बयान” दिए जा रहे हैं।

अखिलेश यादव पर भी निशाना

पात्रा ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वह इलेक्शन कमीशन की स्पेशल इंसेंटिव रूल्स (SIR) प्रक्रिया को लेकर जनता में “गलतफहमी और डर” फैला रहे हैं।

अखिलेश का आरोप, SIR का दबाव, एक अधिकारी की मौत

अखिलेश यादव ने कहा था कि इलेक्शन कमीशन के कर्मचारियों पर SIR प्रक्रिया जल्द पूरा करने के लिए “बहुत दबाव” डाला जा रहा है। फतेहपुर में इसी दबाव के कारण एक सुपरवाइजर ने आत्महत्या कर ली। पश्चिम बंगाल में भी लोग शिकायत कर रहे हैं कि SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी है। उन्होंने सवाल किया कि इस प्रक्रिया के दौरान मारे गए कर्मचारियों की जिम्मेदारी कौन लेगा। अखिलेश ने मांग की कि इलेक्शन कमीशन को अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और मदद के लिए आगे आना चाहिए।

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