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CBI चीफ बने रहेंगे प्रवीण सूद, सरकार ने एक साल का दिया सेवा विस्तार

नेशनल डेस्क : भारत सरकार ने प्रवीण सूद को सीबीआई डायरेक्टर के रूप में एक साल का सेवा विस्तार दे दिया है। अब वे अगले एक साल तक देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के प्रमुख बने रहेंगे। इस निर्णय के बाद डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) ने संबंधित आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे यह साफ हो गया कि सूद अगले एक साल तक इस पद पर बने रहेंगे। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

कमेटी का कोई नतीजा नहीं निकला

आपको बता दें कि सीबीआई के नए डायरेक्टर को चुनने वाली उच्चस्तरीय कमेटी किसी एक नाम पर सहमत नहीं हो पाई। इस कमेटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीजेआई संजीव खन्ना, और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल थे। इनकी मीटिंग मंगलवार शाम को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में हुई थी, लेकिन कमेटी इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाई, जिससे प्रवीण सूद के सेवा विस्तार का रास्ता साफ हो गया। क्योंकि कमेटी किसी निर्णय तक नहीं पहुंच सकी।

कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी

कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने प्रवीण सूद को एक साल का सेवा विस्तार दे दिया। इस फैसले के बाद, सूद अगले साल तक सीबीआई के प्रमुख बने रहेंगे। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मीटिंग में कौन से मुद्दे उठाए गए थे और कमेटी के सदस्य किस कारण से किसी एक नाम पर सहमत नहीं हो पाए। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में कोई विशेष निर्णय नहीं लिया जा सका।

उनके करियर की महत्वपूर्ण बातें…

दरअसल, प्रवीण सूद 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और सीबीआई डायरेक्टर बनने से पहले कर्नाटक के डीजीपी रह चुके थे। उन्होंने 25 मई 2023 को सीबीआई के डायरेक्टर का पद संभाला था, और उनका कार्यकाल 25 मई 2025 तक विस्तारित कर दिया गया है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि राहुल गांधी के एलओपी (लोकसभा में विपक्ष के नेता) बनने के बाद, यह पहली बार था जब सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति के संबंध में कमेटी की मीटिंग हुई थी।

क्या था पूरा मामला?

सूत्रों के अनुसार, डीओपीटी ने सीबीआई डायरेक्टर के पद के लिए कुछ संभावित अधिकारियों की लिस्ट तैयार की थी। हालांकि, किसी भी अधिकारी के नाम पर कमेटी में सर्वसम्मति नहीं बन पाई। यह स्थिति इस लिहाज से हैरान करने वाली थी क्योंकि सीबीआई डायरेक्टर के पद के लिए उचित नाम पर सहमति नहीं बन पाना किसी महत्वपूर्ण कारण से हुआ होगा।

इस प्रशासनिक निर्णय के बाद, प्रवीण सूद को एक साल का और समय मिलेगा ताकि वे सीबीआई के कार्यों को प्रभावी रूप से चला सकें और जांच एजेंसी के महत्वपूर्ण मामलों को सुलझा सकें। यह बदलाव न केवल सीबीआई के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय प्रशासनिक ढांचे में भी यह एक बड़ी घटना के रूप में सामने आया है।

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