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‘नाम बदलने की आड़ में योजना खत्म करना चाहती है सरकार’, MGNREGA में बदलाव पर प्रियंका गांधी

Priyanka Gandhi changes to MGNREGA

Priyanka Gandhi changes to MGNREGA

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) में प्रस्तावित बदलावों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार योजना का नाम बदलने और नए ढांचे के बहाने इसे धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है।

प्रियंका गांधी MGNREGA का नाम बदलने के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि सरकार योजना का नाम बदलने को लेकर “दीवानी” हो गई है, जबकि इससे सिर्फ़ अनावश्यक खर्च बढ़ेगा और योजना की असली भावना खत्म हो जाएगी।

“महात्मा गांधी के नाम का अपमान”

प्रियंका गांधी ने ज़ोर देकर कहा कि यह योजना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर बनी है और इसे हटाना या नाम बदलना उनके सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “यह योजना महात्मा गांधी के नाम पर है। वह हमारे राष्ट्रपिता हैं। उनके नाम का अपमान नहीं होना चाहिए।”

सभी दलों की सहमति से बनी थी योजना

प्रियंका गांधी ने याद दिलाया कि जब MGNREGA कानून बना था, तबकिसी भी राष्ट्रीय पार्टी ने इसका विरोध नहीं किया था। यह कानून सर्वसम्मति से पास हुआ था। उनके मुताबिक, यह योजना ग्रामीण गरीबों के लिए एक मज़बूत सुरक्षा कवच रही है।

125 दिन रोजगार का दावा “भ्रामक”

सरकार के उस दावे पर भी प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया जिसमें कहा गया है कि नए कानून के तहत 100 दिनों के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा, “ऊपर से देखने पर लगता है कि सरकार काम के दिन बढ़ा रही है, लेकिन जब इसे ध्यान से पढ़ते हैं, तो साफ दिखता है कि पूरी योजना ही खत्म करने की तैयारी है।”

फंडिंग बदलने पर चिंता

प्रियंका गांधी ने प्रस्तावित फंडिंग पैटर्न में बदलावकी भी आलोचना की। उन्होंने बताया कि पहले योजना का 90% खर्च केंद्र सरकार उठाती थी। अब केंद्र सरकार बोझ राज्यों पर डालना चाहती है। उन्होंने कहा कि गरीब राज्य यह खर्च नहीं उठा पाएंगे, जिससे योजना धीरे-धीरे बंद हो जाएगी।

“नाम बदलने के बहाने खत्म करने की साजिश”

प्रियंका गांधी ने साफ शब्दों में कहा, “सच्चाई यह है कि सरकार नाम बदलने की आड़ में इस योजना को खत्म करना चाहती है। अगर ऐसा नहीं है, तो फिर महात्मा गांधी के नाम को हटाने की क्या जरूरत है?”

संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन

इस मुद्दे पर कई विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार के बाहर प्रदर्शन कियाबाद में संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास जुटे। सांसदों के हाथों में महात्मा गांधी की तस्वीरें थीं और उन्होंने सरकार पर ग्रामीण रोजगार योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया। इस प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।

नया बिल क्या कहता है?

इसी दिन लोकसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल, 2025 (जिसे जी राम जी बिल भी कहा जा रहा है) पेश करने की अनुमति मांगी। इस नए बिल के तहत MGNREGA की जगह नई योजना लाई जाएगी। ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को अब 100 की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा। उद्देश्य है, आय की सुरक्षा और देशभर में योजनाबद्ध तरीके से टिकाऊ ग्रामीण संपत्तियों का निर्माण।

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