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‘ट्रंप के दबाव में काम कर रहे प्रधानमंत्री’, राहुल गांधी ने PM मोदी को फिर दी आमने-सामने बहस की चुनौती

Rahul Gandhi again challenges PM Modi to a face-to-face debate

Rahul Gandhi again challenges PM Modi to a face-to-face debate

संगरूर। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को पंजाब के संगरूर में आयोजित कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने एक बार फिर पीएम मोदी को आमने-सामने बैठकर खुली बहस करने की चुनौती दी। राहुल गांधी ने दावा किया कि अगर प्रधानमंत्री उनके साथ बहस करने बैठते हैं, तो वह सिर्फ 5 मिनट में यह साबित कर देंगे कि मोदी देश के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नियंत्रण में हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहें तो बहस के लिए अपनी पसंद का कोई भी स्थान चुन सकते हैं। यहां तक कि वह किसी भी व्यक्ति को इस बहस का निर्णायक भी बना सकते हैं। राहुल ने कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि बहस किस जगह होगी और कौन इसका निर्णायक होगा। वह हर स्थिति में प्रधानमंत्री के साथ चर्चा करने के लिए तैयार हैं।

‘मोदी जी मेरे सामने बैठने की हिम्मत नहीं करेंगे’

रैली में राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले भी प्रधानमंत्री को खुली बहस की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी कांग्रेस नेताओं पर देशविरोधी होने के आरोप लगाते हैं, इसलिए उन्हें सामने आकर इन मुद्दों पर बात करनी चाहिए। राहुल ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री चाहें तो आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत या उद्योगपति गौतम अडानी को भी बहस का निर्णायक बना सकते हैं।

उन्होंने कहा कि बहस किसी भी जगह हो सकती है, यहां तक कि टेलीविजन स्टूडियो में भी वह चर्चा करने के लिए तैयार हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री संसद में भी उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं देते। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के नेता का माइक बंद कर देती है और उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। ऐसे में संसद में बहस की बात करना उचित नहीं है।

निर्मला सीतारमण ने दिया राहुल गांधी को जवाब

राहुल गांधी की बहस की चुनौती पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी सरकार से सवाल पूछना चाहते हैं, तो उन्हें सरकार के जवाब सुनने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और संसद में बहस करने का अवसर उनके पास पहले से मौजूद है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संसद में चर्चा होती है, तब राहुल गांधी और उनकी पार्टी कई बार सदन से बाहर क्यों चली जाती है?

वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने कई बार सरकार का जवाब सुने बिना सदन से वॉकआउट किया है। उन्होंने कहा कि केवल सवाल पूछना ही काफी नहीं है, बल्कि दूसरे पक्ष का जवाब सुनना भी जरूरी है। सीतारमण ने कांग्रेस अध्यक्ष के घर पर आयोजित मॉक पार्लियामेंट को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने इसे मॉक पार्लियामेंट के बजाय संसद का मजाक बताया और कहा कि विपक्ष को असली संसद में भी उतनी ही गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि वह केवल आरोप लगाने के बजाय अपने दावों के समर्थन में ठोस सबूत भी पेश करें। नेता प्रतिपक्ष होने के नाते उनसे जिम्मेदारी और गंभीरता की उम्मीद की जाती है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भी PM पर लगाए आरोप

राहुल गांधी ने संगरूर की रैली में भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर भी प्रधानमंत्री पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप के दबाव और धमकी के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए। राहुल गांधी का दावा है कि इस समझौते के बारे में प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिमंडल और संबंधित अधिकारियों को भी भरोसे में नहीं लिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस डील से भारत के किसानों, छोटे और मध्यम उद्योगों और देश के डेटा से जुड़े हितों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाने का कई बार दावा किया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर खुलकर जवाब नहीं दिया।

अडानी मामले को भी ट्रेड डील से जोड़ा

राहुल गांधी ने अमेरिका में उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े कानूनी मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद अमेरिका में अडानी से जुड़ा मामला बंद कर दिया गया। राहुल ने इसे प्रधानमंत्री पर लगाए जा रहे अपने आरोपों से जोड़ते हुए कहा कि लोग इंटरनेट पर जाकर इस मामले की जानकारी देख सकते हैं। हालांकि, अडानी मामले और ट्रेड डील के बीच संबंध को लेकर राहुल गांधी ने जो दावा किया, वह उनका राजनीतिक आरोप है।

पंजाब में नशे, रोजगार और किसानों का मुद्दा उठाया

रैली के दौरान राहुल गांधी ने पंजाब की समस्याओं पर भी बात की। उन्होंने राज्य में नशे के बढ़ते इस्तेमाल, बेरोजगारी और छोटे उद्योगों की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब को ऐसी सरकार की जरूरत है जो युवाओं को रोजगार दे, नशे के कारोबार और लत के खिलाफ कार्रवाई करे और छोटे तथा मध्यम उद्योगों को मजबूत बनाए।

राहुल गांधी ने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार को किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने और किसानों के हितों की रक्षा करने की जरूरत पर जोर दिया। रैली के अंत में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी पसंद की जगह और मंच तय कर सकते हैं। वह बिना किसी डर के आमने-सामने बैठकर हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।

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