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‘डरिए मत, कोई भी जगह और मंच चुन लीजिए’, राहुल गांधी ने PM मोदी को फिर दी खुली बहस की चुनौती

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नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर खुली बहस की चुनौती दी है। राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपनी पसंद की कोई भी जगह और मंच चुन सकते हैं। यहां तक कि बहस के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को जज भी बना सकते हैं।

राहुल गांधी ने यह चुनौती विदेशी ताकतों से कथित संबंधों और देश की आर्थिक व्यवस्था को लेकर लगाए गए आरोपों पर दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पहली बार बहस की चुनौती दिए हुए 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया है।

राहुल गांधी बोले- सामने आइए और बहस कीजिए

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए लिखा कि वे कहते हैं कि विपक्ष देश विरोधी है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच खुली बहस होनी चाहिए, ताकि देश को पता चल सके कि वास्तव में देश विरोधी कौन है और किसके विदेशी ताकतों से संबंध हैं।उन्होंने कहा कि बहस का आयोजन किसी भी जगह किया जा सकता है। इसमें मीडिया के साथ देश के युवाओं को भी शामिल किया जाए। दोनों नेता एक टेबल पर आमने-सामने बैठें और सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा करें। राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि प्रधानमंत्री चाहें तो RSS प्रमुख मोहन भागवत को इस बहस का जज बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बहस के लिए किसी भी तरह की शर्तों से परेशानी नहीं है।

अडानी, इंडिया-US डील और एपस्टीन मामले पर भी चर्चा की मांग

राहुल गांधी ने कहा कि इस बहस में केवल विदेशी संबंधों की बात नहीं होनी चाहिए, बल्कि देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने वित्तीय व्यवस्था, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, अडानी मामले और एपस्टीन मामले का जिक्र किया। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि भारत और अमेरिका के बीच समझौता किस तरह और किन परिस्थितियों में हुआ?

इसे इतनी जल्दी क्यों किया गया और इस प्रक्रिया में कैबिनेट को जानकारी क्यों नहीं दी गई? इसके अलावा उन्होंने अडानी मामले की जांच और एपस्टीन मामले से जुड़े सवालों पर भी खुली चर्चा की मांग की। राहुल गांधी का कहना है कि इन सभी मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से बातचीत होनी चाहिए, ताकि देश के सामने सच्चाई आ सके।

मानहानि का केस करने की भी दी चुनौती

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को एक और चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं तो प्रधानमंत्री उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ पहले से करीब 45 मानहानि के मामले चल रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि विदेशी संबंधों को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी प्रधानमंत्री कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। अपनी पोस्ट के आखिर में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं।

पहले भी विदेशी मदद को लेकर लगा चुके हैं आरोप

दरअसल, राहुल गांधी की यह नई चुनौती उनके पिछले बयान के बाद आई है। इससे पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी मदद के कारण सत्ता में आए और उसी के सहारे सत्ता में बने हुए हैं।राहुल गांधी ने भारतीय वित्तीय व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि देश की आर्थिक व्यवस्था पर विदेशी ताकतों का प्रभाव और समर्थन है। इसी मुद्दे पर उन्होंने प्रधानमंत्री को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी।

PM मोदी ने विपक्ष पर लगाए थे आरोप

यह राजनीतिक बयानबाजी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे के बाद तेज हुई। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्ष अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाने के बजाय बाधा डालने वाली ताकत की तरह काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि कुछ ताकतें देश को बांटने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने विदेशों में कुछ लोगों की गतिविधियों और विदेशी ताकतों से कथित समर्थन को लेकर भी सवाल उठाए थे। इसके बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए खुली बहस की चुनौती दोहराई है। फिलहाल दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी जारी है।

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