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त्रिपुरा के छात्र की हत्या पर राहुल गांधी का हमला, बोले- नफरत को सामान्य बना रही BJP

India-US trade agreement under the pressure of America

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देहरादून में त्रिपुरा के छात्र अंजेल चकमा की हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को “भयानक नफरत से जुड़ा अपराध (हेट क्राइम)” बताया और आरोप लगाया कि BJP नफरत को धीरे-धीरे समाज में सामान्य बना रही है, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि समाज को ऐसी घटनाओं पर चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोचें और इसका विरोध करें, ताकि भारत “एक मरा हुआ समाज” न बन जाए, जहां लोगों पर हमला हो और बाकी लोग आंखें फेर लें।

BJP normalizing hatred
BJP normalizing hatred

क्या कहा राहुल गांधी ने?

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि देहरादून में अंजेल चकमा और उनके भाई माइकल चकमा के साथ जो हुआ, वह एक गंभीर हेट क्राइम है। उन्होंने कहा कि नफरत अचानक पैदा नहीं होती, बल्कि सालों तक ज़हरीले कंटेंट और गैर-जिम्मेदार बयानबाज़ी के जरिए, खासकर युवाओं के दिमाग में भरी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी BJP की नफरत फैलाने वाली राजनीति इसे सामान्य बना रही है। उन्होंने आगे कहा, “भारत सम्मान और एकता से बना है, डर और गाली-गलौज से नहीं। हम अलग-अलग लोगों और प्यार का देश हैं। हमें यह सोचना होगा कि हम अपने देश को क्या बनने दे रहे हैं।”

पीड़ित परिवार के साथ संवेदना

राहुल गांधी ने चकमा परिवार और त्रिपुरा व पूरे नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ अपनी संवेदनाएं जताईं। उन्होंने कहा कि नॉर्थईस्ट के लोग हमारे भारतीय भाई-बहन हैं और हमें उन पर गर्व है।

घटना क्या है?

यह घटना 9 दिसंबर की शाम देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में हुई। त्रिपुरा के रहने वाले MBA छात्र अंजेल चकमा और उनके भाई माइकल चकमा किसी काम से सेलाकुई गए थे। वहां उनकी कुछ स्थानीय लड़कों से बहस हो गई, जो बाद में हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोप है कि हमलावरों ने चाकू और अन्य नुकीली चीज़ों से हमला किया। अंजेल चकमा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दी गईं।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने अब तक इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं, जिन्हें जुवेनाइल रिफॉर्म होम भेजा गया है। एक आरोपी अभी फरार है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और एक टीम नेपाल भी भेजी गई है। यह मामला देशभर में नफरत और नस्लीय हिंसा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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