नई दिल्ली: बीजेपी ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर विदेश में भारत की छवि खराब करने का आरोप लगाया है। बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान भारत विरोधी ताकतों से मिलते हैं और देश के हितों के खिलाफ बातें करते हैं।
भारत विरोधी लोगों से मिल रहे राहुल गांधी
शनिवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए गौरव भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी का विदेश जाकर भारत की आलोचना करना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि इससे देश के लोग भी नाराज हैं। भाटिया ने कहा, “भारत के विपक्ष के नेता खुद विदेश जाकर भारत को बदनाम कर रहे हैं और भारत विरोधी लोगों से मिल रहे हैं।”
#WATCH | Delhi | BJP leader Gaurav Bhatia says, “The Leader of the Opposition, whose primary responsibility was to be in Parliament when the session was underway, but he goes to foreign soil…At the Hertie School in Germany, he meets Cornelia Woll…Rahul Gandhi and George Soros… pic.twitter.com/LD4ELxI6lb
— ANI (@ANI) December 20, 2025
बीजेपी नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी अक्सर संसद सत्र के समय विदेश चले जाते हैं। उन्होंने हाल ही में राहुल गांधी के जर्मनी दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि जब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा था, तब विपक्ष के नेता को संसद में मौजूद रहना चाहिए था, लेकिन वह विदेश चले गए। भाटिया के अनुसार, जर्मनी में राहुल गांधी ने हर्टी स्कूल का दौरा किया और वहां प्रोफेसर डॉ. कॉर्नेलिया वोल से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि ऐसी मुलाकातों से राहुल गांधी के इरादों और एजेंडे पर सवाल उठते हैं।
दो जिस्म, एक जान की तरह राहुल गांधी-जॉर्ज सोरोस
गौरव भाटिया ने राहुल गांधी और निवेशक जॉर्ज सोरोस के कथित संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने ओपन सोसाइटी फाउंडेशन और सेंट्रल यूरोपियन यूनिवर्सिटी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन संस्थाओं का भारत विरोधी गतिविधियों से संबंध रहा है। बीजेपी नेता ने कहा, “राहुल गांधी और जॉर्ज सोरोस दो जिस्म, एक जान की तरह हैं। यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी पर भारत विरोधी ताकतों से जुड़ने का आरोप लगा हो।” उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी विदेशी धरती पर उन लोगों से क्यों मिलते हैं जो भारत के खिलाफ हैं और देश की अखंडता पर हमला करते हैं।
गौरतलब है कि राहुल गांधी का यह बयान उनके पांच दिवसीय जर्मनी दौरे के बाद आया है। इस यात्रा की घोषणा संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान हुई थी, जिसे लेकर बीजेपी लगातार उनकी आलोचना कर रही है। बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी की बार-बार की विदेशी यात्राएं उनकी प्राथमिकताओं और देश के प्रति निष्ठा पर सवाल खड़े करती हैं।

