नेशनल डेस्क : कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी के घर जाकर उनके परिवार से मुलाकात की। राहुल गांधी जैसे ही घर पहुंचे, शुभम की पत्नी ऐशन्या उन्हें देखकर रोने लगीं। इस पर राहुल गांधी ने उन्हें ढांढस बंधाया और संवेदना प्रकट की। उन्होंने परिवार से बात करते हुए कहा कि वे इस दर्द को समझ सकते हैं क्योंकि उन्होंने खुद भी अपने परिवार में आतंकवाद के कारण दादी और पिता को खोया है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
“जिन्होंने हमला किया, उन्हें सजा मिलनी चाहिए”
आपको बता दें कि राहुल गांधी ने इस मौके पर सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन आतंकियों ने यह हमला किया, उन्हें जहां भी हैं, सजा जरूर मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष सरकार के साथ पूरी तरह खड़ा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सरकार से यह भी अपील की कि समय बर्बाद न किया जाए और तुरंत एक्शन लिया जाए।
आप हमारा दर्द समझ सकते हैं…
शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने राहुल गांधी से कहा कि चूंकि उन्होंने खुद भी आतंकवाद में अपने प्रियजनों को खोया है, इसलिए वह इस दुख को समझ सकते हैं। इस पर राहुल गांधी ने जवाब दिया कि उन्होंने दो बार ऐसा दर्द झेला है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी दादी इंदिरा गांधी जिंदा होतीं, तो शायद यह हमला होता ही नहीं, और अगर होता भी, तो देश अब तक उसका जवाब दे चुका होता।
पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के दुख में, शहीद के दर्जे की उनकी मांग में, मैं साथ खड़ा हूं।
प्रधानमंत्री से आग्रह है कि वो इस त्रासदी में जान गंवाने वालों को यह सम्मान देकर उनके परिवारों की भावना का आदर करें। pic.twitter.com/auMEehEnOO
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 1, 2025
शुभम की पत्नी ने रखी एक खास मांग
इसके साथ ही परिवार से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने पूछा कि वे उनकी क्या मदद कर सकते हैं। इस पर शुभम की पत्नी ऐशन्या ने कहा कि वह चाहती हैं कि उनके पति को बलिदानी का दर्जा दिया जाए। राहुल गांधी ने उनकी बात को गंभीरता से लिया और भरोसा दिलाया कि वह इस पर जरूर विचार करेंगे।
पाकिस्तान ने खाली की बॉर्डर पोस्ट
इस बीच पाकिस्तान की गतिविधियों ने भी चिंता बढ़ा दी है। खबर है कि पाकिस्तानी सेना ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर कई पोस्ट खाली कर दी हैं और वहां से अपने झंडे भी हटा लिए हैं। यह घटनाएं कठुआ जिले के पर्गवाल इलाके में देखी गई हैं। इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने बुधवार को पहली बार अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी सीजफायर का उल्लंघन किया, जिसका भारतीय सेना ने तुरंत जवाब दिया।
आठ दिन बाद भी गुस्सा कायम
बता दें कि यह हमला आठ दिन पहले हुआ था, जिसमें आतंकियों ने 27 लोगों की जान ले ली थी और 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। देशभर में इस हमले को लेकर गुस्सा है और लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है उसने लगातार 7 दिन में 17वीं बार सीजफायर का उल्लंधन किया है। वहीं अब देखना है कि भारत आगे क्या कदम उठाएगा।

