नेशनल डेस्क: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जो नारा बिहार से शुरू हुआ, “वोट चोर, गद्दी छोड़”, वह अब भारत तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि चीन और अमेरिका तक पहुंच गया है।
राहुल गांधी ने क्या-क्या कहा?
सोमवार को एक बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, “बिहार में नया नारा चला है- ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’। अब तो चीन और अमेरिका में भी लोग यही नारा लगाने लगे हैं।” राहुल गांधी ने यह टिप्पणी उस वक्त की, जब वे “मतदाता अधिकार यात्रा” के समापन कार्यक्रम में पटना में मौजूद थे। यह यात्रा 16 दिन तक चली और इसका मकसद था। बिहार में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) का विरोध करना।
#WATCH | Patna, Bihar | Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “There is a new slogan in Bihar, ‘Vote chor, gaddi chhodd’…Even in China and the US, people are saying ‘Vote chor, gaddi Chhodd’…” pic.twitter.com/9a6OpHCIYK
— ANI (@ANI) September 1, 2025
बीजेपी और चुनाव आयोग लोकतंत्र को कमजोर कर रहे
उन्होंने चुनाव आयोग पर “वोट चोरी” का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा और ईसीआई (चुनाव आयोग) मिलकर लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं। राहुल गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा, “आपने अब तक वोट चोरी पर एटम बम देखा है, अब मैं हाइड्रोजन बम छोड़ने वाला हूँ। भाजपा वाले ये बात अच्छे से सुन लें।”
हम वोट चोरी नहीं होने देंगे
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि, “जिन ताकतों ने महात्मा गांधी की हत्या की थी, वही आज संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं। हम ऐसा नहीं होने देंगे। बिहार हमेशा क्रांति का केंद्र रहा है और इस बार भी उसने पूरे देश को संदेश दे दिया है कि हम वोट चोरी नहीं होने देंगे।”
#WATCH | Patna, Bihar | Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “The forces who murdered Mahatma Gandhi, the same forces are trying to destroy the Constitution of Dr BR Ambedkar and Mahatma Gandhi. We will not let them destroy the Constitution of India…We recieved a… pic.twitter.com/rATlMWBj4H
— ANI (@ANI) September 1, 2025
यात्रा की जानकारी
यह यात्रा 18 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी। इसमें राहुल गांधी के साथ राजद नेता तेजस्वी यादव भी मौजूद थे। यात्रा औरंगाबाद, गया, सीवान और 25 से ज़्यादा जिलों से गुजरी। पटना में यह यात्रा 1 सितंबर को खत्म हुई। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, भाकपा (माले) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन शामिल हुए। इन सभी ने इस यात्रा में भाग लेकर विपक्ष की एकजुटता का प्रदर्शन किया।

