नेशनल डेस्क: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी नेता ऑपरेशन सिंदूर को लेकर ऐसे सवाल पूछ रहे हैं जो देश की भावनाओं से मेल नहीं खाते। राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष यह पूछ रहा है कि भारत के कितने विमान इस अभियान में गिराए गए। इस पर उन्होंने जवाब दिया, “कभी किसी ने यह नहीं पूछा कि हमने दुश्मन के कितने विमान गिराए।”
रक्षा मंत्री ने बताया क्या-क्या सवाल पूछे जाने चाहिए
उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर कोई सवाल पूछा जाना चाहिए, तो वह यह होना चाहिए कि
-क्या भारत ने आतंकियों के ठिकाने तबाह किए? हां।
-क्या ऑपरेशन सफल रहा? हां।
-क्या आतंकियों के सरगना मारे गए? हां।
-क्या हमारे किसी जवान को नुकसान पहुंच? नहीं।
राजनाथ सिंह ने बताया कि यह अभियान एक “ऐतिहासिक सैन्य ऑपरेशन” था जो 7 मई को पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था। इस हमले में 22 अप्रैल को 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत ने इसके जवाब में पाकिस्तान और पाक-ऑक्युपाइड कश्मीर (PoK) में मौजूद 9 आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया और 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया।
रक्षा मंत्री ने सैनिकों को श्रद्धांजलि दी
राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी नीति का एक ठोस उदाहरण है। उन्होंने बताया कि 7 मई को ऑपरेशन शुरू हुआ और इसके बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने पर सहमति बन गई। रक्षा मंत्री ने संसद में सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी और कहा कि हमारे जवान देश के लिए हमेशा जान देने को तैयार रहते हैं।
देश की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं करेंगे
राजनाथ सिंह ने साफ किया कि सरकार देश की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं करती और ऑपरेशन सिंदूर इसकी एक मिसाल है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे ऐसे सवाल पूछें जो देश की सुरक्षा और सैनिकों के बलिदान को समझने वाले हों।

