Bihar New CM Samrat Chaudhary : बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। लंबे समय तक राज्य की सत्ता संभालने वाले Nitish Kumar ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया, जिसके साथ ही करीब दो दशकों तक चले ‘नीतीश युग’ का अंत हो गया।
सम्राट चौधरी बिहार में भाजपा विधायक दल के नेता चुने हए। https://t.co/FtkHwsyKBt pic.twitter.com/aDwenTwlWA
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 14, 2026
अब बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में Samrat Choudhary को नेता चुना गया है, जिससे उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। बताया जा रहा है कि सम्राट चौधरी 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। विधायक दल की बैठक में Vijay Kumar Sinha ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से समर्थन मिला।
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मुझ पर विश्वास जताते हुए #भाजपा_बिहार_विधानमंडल_दल के #नेता का दायित्व सौंपने पर हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। मैं… pic.twitter.com/s4w1rlR2DU
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 14, 2026
सम्राट चौधरी ने कहा- सबकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेता हूं
प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे सम्राट चौधरी ने बीजेपी विधानमंडल दल का नेता चुने जाने के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने Xपर एक पोस्ट में लिखा, ‘भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मुझ पर विश्वास जताते हुए बिहार भाजपा विधानमंडल दल के नेता का दायित्व सौंपने पर हृदय से आभार व्यक्त करता हू। यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। मैं पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ जन-जन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेता हूं।
सम्राट चौधरी बिहार में भाजपा विधायक दल के नेता चुने हए। https://t.co/FtkHwsyKBt pic.twitter.com/aDwenTwlWA
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इस्तीफे से पहले नीतीश कुमार ने अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक में पद छोड़ने का फैसला साझा किया। इसके बाद वे सम्राट चौधरी और Vijay Choudhary के साथ राजभवन पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंप दिया। अब अगला कदम एनडीए विधायक दल की औपचारिक बैठक है, जिसमें मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। इसके बाद बिहार में नए नेतृत्व के साथ ‘सम्राट युग’ की शुरुआत होगी।
करीब 20 साल तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार के कार्यकाल को बिहार की राजनीति में एक लंबा और प्रभावशाली दौर माना जाता है। अब राज्य की कमान एक नए चेहरे के हाथों में जाने जा रही है, जिससे राजनीतिक समीकरणों में बड़े बदलाव की संभावना है।
मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से सम्राट चौधरी ने की है पढ़ाई
सम्राट चौधरी ने प्रारंभिक स्कूली शिक्षा बिहार में पूरी की और बाद में मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। अपने चुनावी हलफनामे में उन्होंने उल्लेख किया है कि उन्होंने विश्वविद्यालय से प्री-फाउंडेशन कोर्स किया था, जिसे पारंपरिक डिग्री के समकक्ष होने को लेकर बहस होती रही है। उन्होंने डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डी.लिट) की मानद उपाधि का भी उल्लेख किया है, जो औपचारिक पढ़ाई से प्राप्त शैक्षणिक डिग्री नहीं, बल्कि एक प्रकार का सम्मान है। इन योग्यताओं को लेकर बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा होती रही है, लेकिन चौधरी का मानना है कि उनकी पहचान उनके प्रशासनिक अनुभव और शासन में बिताए गए वर्षों से है, न कि केवल प्राप्त शैक्षिक प्रमाणपत्रों से।

