नेशनल डेस्क: भारत ने पाकिस्तान की कथित परमाणु परीक्षण गतिविधियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगर पाकिस्तान वास्तव में गुप्त रूप से परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहा है, तो यह कोई नई बात नहीं है, क्योंकि उसका इतिहास पहले भी इसी तरह की गतिविधियों से जुड़ा रहा है।
यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया खुलासे के बाद आया है। ट्रंप ने एक टीवी साक्षात्कार में कहा था कि पाकिस्तान उन देशों में शामिल है जो गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने रूस, चीन और उत्तर कोरिया का भी नाम लिया था।
#WATCH | Delhi | MEA Official Spokesperson Randhir Jaiswal says, “Clandestine and illegal nuclear activities are in keeping with Pakistan’s history, that is centered around decades of smuggling, export control violations, secret partnerships, AQ Khan network and further… pic.twitter.com/4B4Gwe8xEE
— ANI (@ANI) November 7, 2025
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “गुप्त और अवैध परमाणु गतिविधियाँ पाकिस्तान के लंबे इतिहास का हिस्सा रही हैं। वह पहले भी तस्करी, निर्यात नियंत्रण नियमों के उल्लंघन, गुप्त साझेदारियों और ए.क्यू. खान नेटवर्क जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि भारत ने कई बार अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के इन रिकॉर्ड्स के बारे में आगाह किया है और अब ट्रंप की टिप्पणी इस बात को फिर से सामने लाती है।
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
ट्रंप ने अमेरिकी टीवी चैनल सीबीएस न्यूज़ के कार्यक्रम 60 मिनट्स में कहा था कि कई देश परमाणु परीक्षण कर रहे हैं। उनके शब्दों में, “रूस और चीन परीक्षण कर रहे हैं, लेकिन वे इसके बारे में सार्वजनिक रूप से बात नहीं करते। उत्तर कोरिया लगातार परीक्षण कर रहा है और पाकिस्तान भी परीक्षण कर रहा है। हम (अमेरिका) एक खुले समाज हैं, इसलिए हमें इस पर खुलकर बात करनी पड़ती है।”
स्थिति पर हमारी पैनी नजर: भारत
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर दूसरे देश परीक्षण कर रहे हैं, तो अमेरिका भी पीछे नहीं रहेगा, क्योंकि वह अकेला ऐसा देश नहीं बनना चाहता जो परीक्षण न करे। भारत ने ट्रंप की इन टिप्पणियों पर कहा है कि वह स्थिति पर नजर रखे हुए है और पाकिस्तान की गतिविधियों को लेकर पहले से ही सतर्क है।

