नई दिल्ली: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने साफ कहा है कि उन्होंने कभी भी संसद में या किसी भी स्तर पर कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक रुख का उल्लंघन नहीं किया। उन्होंने उन दावों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि वे पार्टी लाइन के खिलाफ गए हैं। थरूर ने बताया कि केवल एक ही मुद्दे पर उनकी सार्वजनिक असहमति सामने आई थी, और वह था पहलगाम आतंकी हमला और उसके बाद किया गया ऑपरेशन सिंदूर।
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उन्होंने कहा कि इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और ऐसे हमले को बिना जवाब के नहीं छोड़ा जा सकता था। उनके मुताबिक, उन्होंने एक “कड़ा और ठोस जवाब” देने की बात कही थी और आज भी वे अपने उस रुख पर कायम हैं। उन्हें इस पर कोई पछतावा नहीं है। थरूर ने यह भी बताया कि पहलगाम हमले के बाद उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस में एक लेख लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ “सोच-समझकर लेकिन मजबूत कार्रवाई” जरूरी है। इसी बयान को लेकर कुछ नेताओं से उनकी राय अलग दिखी।
क्या शशि थरूर के पार्टी नेतृत्व बीच कोई मतभेद चल रहा है?
हाल ही में कोच्चि में हुए कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान यह अटकलें लगीं कि राहुल गांधी ने उन्हें नजरअंदाज किया, जिससे वे नाराज हैं। हालांकि, पार्टी नेताओं ने इन बातों को पूरी तरह गलत बताया। कांग्रेस का कहना है कि थरूर पार्टी नेतृत्व से खुश हैं और उनके बीच कोई मतभेद नहीं है। कोच्चि कार्यक्रम के बाद थरूर दिल्ली में हुई AICC की बैठक में शामिल नहीं हो पाए थे, क्योंकि वे केरल लिटरेचर फेस्ट में पहले से तय कार्यक्रम में शामिल थे।
पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि थरूर ने इसकी जानकारी पहले ही दे दी थी और पार्टी ने इसे स्वीकार किया था। इसके अलावा, थरूर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे, जहां नई भारत ट्रेनों का उद्घाटन हुआ। इस पर भी कुछ सवाल उठे, लेकिन पार्टी ने कहा कि इससे किसी तरह की नाराजगी का मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।
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ऑपरेशन सिंदूर पर प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे थरूर
गौरतलब है कि थरूर ऑपरेशन सिंदूर पर बने बहु-दलीय प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा थे, जो पहलगाम हमले के बाद भारत का पक्ष रखने के लिए विदेश गया था। उस समय पार्टी के कुछ नेताओं ने सवाल उठाए थे, क्योंकि कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं किया गया था। कुल मिलाकर, शशि थरूर ने साफ किया है कि वे कांग्रेस के अनुशासित नेता हैं, पार्टी उनकी प्राथमिकता है और ऑपरेशन सिंदूर पर जो उन्होंने कहा, वह उनके सिद्धांतों पर आधारित था।

