नेशनल डेस्क: राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पूर्व सीएम ने अपने सादगी से सबका दिल जीत लिया है।
एक कार्यक्रम के दौरान सड़क पर गहलोत की गाड़ी रुकी, तभी एक उत्साही समर्थक उनके पास आया और कहा, “सर, डिफेंडर ले लो… बड़ी गाड़ी लो!” इस पर अशोक गहलोत मुस्कुराए और चुटकी लेते हुए बोले, “अरे भाई, नेतागिरी गाड़ी से नहीं, काम से होती है।” उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग मुस्कराने लगे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
This is Funny 🤣
Ashok Gehlot has the same Safari car for the last 15 years. One of his supporters is requesting him to buy the Black Defender.
He is very down to earth ✊ pic.twitter.com/iiI7kseu4h
— Mr. Democratic (@MrDemocratic_) July 28, 2025
जब गहलोत की गाड़ी रुकी, तो कुछ समर्थक पास आ गए। उनमें से एक युवक ने कहा कि गहलोत को अब ब्लैक डिफेंडर जैसी बड़ी गाड़ी लेनी चाहिए। गहलोत ने पहले तो हंसते हुए पूछा, “डिफेंडर गाड़ी क्या होती है?” तब युवक ने बताया कि यह एक महंगी SUV होती है, और कहा, “आप बरसों से एक ही गाड़ी में चल रहे हैं, आजकल तो नेता हर तीसरे महीने गाड़ी बदलते हैं।”
उस युवक ने खुद को चायवाला बताया और कहा कि जब भी गहलोत का काफिला गुजरता है, वह देखता है कि उन्होंने गाड़ी बदली या नहीं। युवक ने यह भी कहा कि गहलोत की गाड़ी अब “पुरानी फैशन” में लगती है। इस पर गहलोत ने जवाब दिया, “मैं जब मुख्यमंत्री था, तब भी यही गाड़ी थी और आज भी वही है।”
आज की राजनीति में कई नेता अपनी शक्ति और रुतबे का प्रदर्शन करने के लिए महंगी गाड़ियों, काफिलों और सुरक्षा घेरे का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अशोक गहलोत का यह बयान कि “काम से पहचान बनती है, न कि गाड़ी से”, एक सादगी भरा लेकिन गहरा संदेश देता है। उनका यह व्यवहार ना सिर्फ उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि असली नेतागिरी जनता की सेवा और भरोसे से होती है, ना कि दिखावे से।