नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को नागपुर में ब्रह्माकुमारी संस्था के एक कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत जब ताकतवर बनता है, तो कुछ देशों को डर लगने लगता है कि उनका क्या होगा। इसी डर की वजह से वे भारत पर टैरिफ (आर्थिक शुल्क) जैसे दबाव बनाने वाले कदम उठाते हैं।
भागवत ने कहा, “कुछ देशों को डर है कि अगर भारत मजबूत हो गया, तो उनकी स्थिति क्या होगी। इसलिए उन्होंने भारत पर टैरिफ लगाया। जबकि हमने कुछ गलत नहीं किया। वे उन्हीं लोगों को खुश कर रहे हैं जो इन नीतियों के पीछे हैं। क्योंकि उनके पास ताकत है, इसलिए वे भारत पर दबाव डालना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि ये सब सिर्फ स्वार्थी सोच का नतीजा है। जब लोग केवल “मैं और मेरा” के बारे में सोचते हैं, तभी ऐसे टकराव होते हैं। लेकिन जब वे समझ जाते हैं कि “हम और हमारा” सोच ज्यादा जरूरी है, तो सारी समस्याएं खत्म हो सकती हैं।
अपने भाषण में मोहन भागवत ने उदाहरण देते हुए कहा, ”पहले हम सांपों से डरते थे। लेकिन जब जानकारी मिली कि सारे सांप जहरीले नहीं होते, तो हमारा डर खत्म हो गया। इसी तरह जब ज्ञान बढ़ता है, तो डर और भेदभाव भी खत्म हो जाते हैं।”
कुछ दिन पहले भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने भी अमेरिका पर हमला बोला था। उन्होंने कहा कि अमेरिका टैरिफ को एक व्यापारिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। भारत पर 50% टैरिफ लगाना अनुचित और गलत है, और चीन इसका कड़ा विरोध करता है। राजदूत ने कहा कि अमेरिका ने पहले फ्री ट्रेड (मुक्त व्यापार) से खूब फायदा उठाया, लेकिन अब वही देश ज्यादा पैसे वसूलने के लिए टैरिफ लगाकर दबाव बना रहा है।