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इस जन्म में माफी नहीं मांगूंगा… राणा सांगा विवाद पर बोले सपा सांसद रामजी लाल सुमन

नेशनल डेस्क : समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन ने हाल में मेवाड़ के शासक राणा सांगा पर विवादित बयान दिया था। जिसके बाद से राजनीति गरमाई हुई है। वहीं अब उनका एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वह यह कहते हुए देखें जा रहे हैं कि वह राणा सांगा पर अपनी टिप्पणी के लिए माफी नहीं मांगेंगे, क्योंकि इतिहास को नकारा नहीं जा सकता। सुमन ने एक न्यूज एजेंसी  को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनके घर पर उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने के इरादे से हमला किया गया। सपा नेता ने कहा कि उन्होंने इस घटना के बारे में राज्यसभा के सभापति को भी सूचित कर दिया है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

सुमन की विवादित टिप्पणी

दरअसल, हाल ही में सपा सांसद रामजी लाल सुमन का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह राणा सांगा को ‘गद्दार’ बताते हुए कहते हैं कि राणा सांगा ने इब्राहीम लोदी को हराने के लिए बाबर को बुलाया था। राणा सांगा, जिनका असली नाम संग्राम सिंह प्रथम था, 1508 से 1528 तक मेवाड़ के शासक थे। सुमन ने यह बयान दिया कि “मैं इस जन्म में माफी नहीं मांगूंगा, मुझे अगले जन्म का पता नहीं है।” यह टिप्पणी उन्होंने अपने आगरा स्थित घर पर करणी सेना के सदस्यों द्वारा किए गए हमले के अगले दिन की है। रामजी लाल सुमन ने कहा, “उन्हें सच स्वीकार करना सीखना होगा। राणा सांगा ने बाबर को इब्राहीम लोदी को हराने के लिए आमंत्रित किया था। यह समझौता था कि राणा सांगा आगरा पर हमला करेंगे। जब यह समझौता टूट गया, तो फतेहपुर सीकरी में राणा सांगा और बाबर के बीच युद्ध हुआ, जिसमें राणा सांगा ने बहादुरी से युद्ध लड़ा, लेकिन हार गए।” सुमन के मुताबिक, यह घटना इतिहास का हिस्सा है और इसे नकारा नहीं जा सकता।

करणी सेना द्वारा हमला

रामजी लाल सुमन की इस टिप्पणी पर करणी सेना के सदस्य भड़क गए। करणी सेना के प्रमुख सूरज पाल सिंह अमू ने कहा कि सुमन का बयान मुगलों को हराने वाले महान नायक राणा सांगा का अपमान करता है। उन्होंने सुमन और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से माफी मांगने की मांग की। वहीं  करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बुधवार को आगरा के हरि पर्वत चौराहे के पास स्थित सुमन के घर पर हमला किया। उन्होंने सांसद के घर की खिड़कियों के शीशे तोड़े, कुर्सियां और कई कारों को क्षतिग्रस्त किया। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी भीड़ से भिड़ते हुए नजर आए, और इस उत्पात में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।

रामजी लाल सुमन का बयान और उसके बाद की हिंसक घटना ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां एक ओर सुमन ने इसे ऐतिहासिक सत्य बताया, वहीं करणी सेना ने इसे अपमानजनक माना और सपा नेताओं से माफी की मांग की। अब यह देखना होगा कि सपा और करणी सेना के बीच इस विवाद का आगे क्या परिणाम निकलता है।

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