
नेशनल डेस्क : दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो सीरियल किलिंग की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। आरोपी की पहचान अजय लांबा उर्फ बंसी के तौर पर हुई है। दिल्ली क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी लगभग 25 साल से फरार था। उसने अपने 3 साथियों के साथ मिलकर कई कैब ड्राइवर्स को मौत के घाट उतार दिया था।
पुलिस मानकर चल रही है कि दर्जनों मिसिंग कैब ड्राइवर्स की हत्या को इसी गैंग ने अंजाम दिया है। ये चारों लोग पहले मिलकर रेंट पर कैब बुक करते थे। इसके बाद कैब को उत्तराखंड की पहाड़ियों में ले जाते और मौका देख ड्राइवर को बेहोश कर देते थे। इसके बाद गला दबाकर लाश को गहरी खाई में फेंक दिया जाता, ताकि यह बरामद न हो सके।
दिल्ली: 25 साल से फरार हत्यारोपी अजय लाम्बा उर्फ बंसी गिरफ्तार.
➡️ न्यू अशोक नगर मर्डर केस में था वांछित.
➡️ क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार.
➡️2001 से दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड में 4 लूट व मर्डर केस में था शामिल.#DelhiPolice #CrimeBranch #AjayLamba #MurderCase #BreakingNews pic.twitter.com/g6pefTtYha— State Mirror Hindi (@statemirrornews) July 6, 2025
आरोपी अजय लांबा की पुलिस को 25 साल से तलाश थी। अब जाकर यह खतरनाक अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ा है। बता दें कि अजय उत्तराखंड और दिल्ली में हुई डकैती की 4 वारदातों में भी वांछित था। पुलिस ने सभी मामलों में उसे भगोड़ा घोषित किया था। 2001 में अजय ने अपने कई साथियों के साथ मिलकर यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड के कई टैक्सी ड्राइवरों को मौत के घाट उतारा था।
ये लोग टैक्सी हायर करते, सुनसान इलाके में ले जाते और कत्ल के बाद ड्राइवर की लाश खाई में फेंक देते थे। इसके बाद टैक्सी को ले जाकर नेपाल में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। 49 साल का अजय मूल रूप से दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके का ही रहने वाला है। वह छठी क्लास में ही स्कूल छोड़ चुका था, इसके बाद अपराध की दुनिया में कदम रखा।
उसे विकासपुरी थाने ने कुख्यात घोषित किया था। 1996 के बाद आरोपी यूपी के बरेली में बस गया था। आरोपी के खिलाफ दिल्ली के न्यू अशोक नगर, उत्तराखंड के हल्द्वानी, अल्मोड़ा और चंपावत में मामले दर्ज हैं। 1990 से पहले भी पुलिस की नजर में वह आ चुका था। आरोपी 2008 से 2018 तक नेपाल में रहा। 2024 में उसे एक डकैती मामले में अरेस्ट किया गया था।